मनोज सिन्हा ने नौगाम पुलिस थाने में विस्फोट में मारे गए नौ व्यक्तियों को दी श्रद्धांजलि
आशीष पवनेश
- 15 Nov 2025, 07:22 PM
- Updated: 07:22 PM
श्रीनगर, 15 नवंबर (भाषा) जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नौगाम थाने में हुए दुर्घटनावश विस्फोट में मारे गए नौ व्यक्तियों को शनिवार को श्रद्धांजलि दी। घटना में 32 व्यक्ति घायल भी हुए हैं। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।
अधिकारियों ने बताया कि सिन्हा ने यहां पुलिस नियंत्रण कक्ष में उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने बताया कि जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव अटल डुल्लू, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) महानिदेशक सदानंद दाते, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात, सेना की 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव और प्रशासन, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों एवं एजेंसियों के अन्य अधिकारियों ने भी शहीद पुलिसकर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित की।
उपराज्यपाल ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, "कल रात नौगाम थाने में हुए दुर्घटनावश विस्फोट में जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों, राजस्व अधिकारियों और एक व्यक्ति को पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्र उनकी निस्वार्थ सेवा और कर्तव्य के प्रति उनके सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा।"
सिन्हा ने शोक संतप्त परिवारों से भी बातचीत की और गहरी संवेदना व्यक्त की।
उन्होंने कहा, "इस कठिन घड़ी में राष्ट्र उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।"
मृतकों में छह पुलिसकर्मी शामिल हैं - राज्य अन्वेषण अभिकरण के इंस्पेक्टर इसरार अहमद शाह, चयन ग्रेड कांस्टेबल जावेद मंसूर राठेर और अर्शीद अहमद शाह (दोनों अपराध शाखा के फोटोग्राफर), चयन ग्रेड कांस्टेबल एजाज अफजल मीर और कांस्टेबल मोहम्मद अमीन मीर और शौकत अहमद भट (तीनों फॉरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में कार्यरत थे)।
नायब तहसीलदार मुजफ्फर अहमद खान, क्षेत्र के चौकीदार सुहैल अहमद राठेर, तथा दर्जी मोहम्मद शफी पार्रे भी इस दुर्घटनावश विस्फोट में मारे गए।
इससे पहले, सिन्हा ने विस्फोट में घायल हुए लोगों का हालचाल जानने के लिए उजाला सिग्नस अस्पताल और एसएमएचएस अस्पताल का दौरा किया।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि इन अस्पतालों के डॉक्टरों की टीम ने उपराज्यपाल को घायलों की स्थिति और उन्हें दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सिन्हा ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रशासन को घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने के लिए सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
भाषा आशीष