सीबीएसई विवाद: उत्तर पुस्तिकाओं में विसंगति का छात्र के दावे को बोर्ड ने सही पाया
सुरेश
- 26 May 2026, 01:20 AM
- Updated: 01:20 AM
नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में गड़बड़ियों और विसंगतियों की बढ़ती शिकायतों के बीच 12वीं कक्षा के कुछ छात्रों ने आरोप लगाया है कि बोर्ड द्वारा अपलोड की गई उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी उनकी लिखावट से मेल नहीं खाती, जिससे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली में संभावित गड़बड़ी को लेकर चिंता उत्पन्न होती है।
सोशल मीडिया पर मचे बवाल के बाद, सीबीएसई ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए कदम उठाए और प्रभावित छात्रों को व्यक्तिगत रूप से जवाब देना शुरू कर दिया, साथ ही आवश्यक स्पष्टीकरण और सुधारात्मक कार्रवाई भी की।
बोर्ड के एक सूत्र ने बताया कि सीबीएसई ने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में छात्रों द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं में लिखावट उनकी लिखावट से मेल नहीं खाने और अन्य समस्याओं से संबंधित मामलों को ''शीर्ष प्राथमिकता'' पर लिया है।
यह आश्वासन दिल्ली निवासी एवं 12वीं कक्षा के एक छात्र वेदांत द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किये जाने के बाद सामने आया है। छात्र वेदांत ने सोशल मीडिया पर किये गए एक विस्तृत पोस्ट में आरोप लगाया कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत सीबीएसई द्वारा अपलोड की गई भौतिकी (फिजिक्स) की उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं है। कई अन्य छात्रों ने भी सोशल मीडिया पर इसी तरह के दावे किए।
इस मुद्दे पर हंगामा मचने और कई अन्य छात्रों द्वारा भी इसी तरह के दावे किए जाने के बाद, सीबीएसई ने आज शाम कहा कि उनकी उत्तर पुस्तिका की एक सही प्रति उन्हें भेज दी गई है और उनके परिणाम को अपडेट करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
सूत्र ने कहा, "ऑनलाइन या ऑफलाइन, किसी भी माध्यम से जो भी शिकायतें आ रही हैं, सीबीएसई उनपर सक्रिय रूप से कार्रवाई कर रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि बोर्ड छात्रों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी छात्रों और अभिभावकों से लगातार संपर्क में हैं, ताकि उनकी शिकायतों का समाधान किया जा सके और छात्रों को हरसंभव सहायता प्रदान की जा सके।
वेदांत की शिकायत के संबंध में पूछे गए सवालों के जवाब में सूत्र ने कहा, "यह किसी एक बच्चे का मामला नहीं है। जिसकी भी शिकायत आ रही है, उसपर सक्रिय रूप से ध्यान दिया जा रहा है।"
अन्य छात्रों द्वारा उठाई गई शिकायतों का हवाला देते हुए सूत्रों ने कहा, ''न केवल एक छात्र, बल्कि ऐसे सभी मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है। कुछ मामलों में, समस्याओं का समाधान भी हो चुका है।''
वेदांत के इस पोस्ट को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर 25 लाख व्यूज मिले हैं। वेदांत ने पोस्ट में लिखा है कि उसने (छात्र ने) और उसके परिवार ने पाया कि सीबीएसई द्वारा मुहैया करायी गई फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका की लिखावट उसकी लिखावट से मेल नहीं खाती।
सीबीएसई ने 'एक्स' पर वेदांत को दिए अपने जवाब में कहा, ''आपकी फिजिक्स की उत्तर पुस्तिका से जुड़ी चिंता हमारे संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद। समीक्षा के बाद मामले की जांच कर ली गई है और आपकी उत्तर पुस्तिका की सही प्रति आपके पंजीकृत ईमेल पते पर भेज दी गई है। साथ ही, आवश्यकतानुसार आपके परिणाम में संशोधन की प्रक्रिया भी की जा रही है।''
सीबीएसई ने कहा, ''हम आपके धैर्य की सराहना करते हैं और आपको अपने निरंतर सहयोग का भरोसा दिलाते हैं।''
इस बीच, वेदांत ने कहा कि बोर्ड ने उन्हें सही उत्तर पुस्तिका भेज दी है।
उन्होंने एक्स पर लिखा, ''हमें सीबीएसई की ओर से सही उत्तर पुस्तिका मिल गई है। शाम को सीबीएसई अधिकारियों ने हमसे संपर्क किया और मेरी उत्तर पुस्तिका भेजी। हमारे दावे सही थे और वास्तव में उत्तर पुस्तिकाएं बदल गई थीं।''
वेदांत ने कहा कि वह उत्तर पुस्तिका की बारीकी से समीक्षा करने के बाद भी पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करेंगे, उनका आरोप है कि सही उत्तरों के बावजूद अंक काटे गए हैं।
सीबीएसई से ऐसे ही मामलों की जांच करने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा, ''मैं सीबीएसई से आग्रह करता हूं कि वह उत्तर पुस्तिकाओं की अदला-बदली के इस मुद्दे की और अधिक स्पष्टता और गहराई से जांच करे, ताकि मेरे जैसे अन्य छात्रों के मामलों को भी देखा जा सके जो इसी समस्या का सामना कर रहे हैं।'''
हालांकि, कई सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने शुरुआत में छात्र को 'ट्रोल' किया और सवाल किया कि हाल में ही बनाया गया हैंडल क्या वास्तव में एक सीबीएसई छात्र का ही है। कुछ ने उसे 'राष्ट्र-विरोधी' और 'पाकिस्तानी' तक कह दिया, लेकिन लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कुछ लोग उसके बचाव में सामने आये।
छात्र ने लिखा था, ''कम अंक मिलने के बाद हमने सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी मांगी। आज हमें कॉपी मिली। और मैं बेहद निराश हूं, क्योंकि सीबीएसई द्वारा अपलोड की गई भौतिकी की उत्तर पुस्तिका मेरी नहीं है।''
उसने दावा किया कि फिजिक्स (भौतिकी) की उत्तर पुस्तिका की लिखावट उसकी अंग्रेजी और कंप्यूटर साइंस की उत्तर पुस्तिकाओं और उसके नोट्स से पूरी तरह अलग है।
छात्र ने कहा, ''लिखावट की शैली, अक्षरों का आकार, स्पेसिंग, झुकाव और वाक्य प्रवाह-सब कुछ अलग है।''
वेदांत ने आरोप लगाया कि भौतिकी की उत्तर पुस्तिका "पूरी तरह से किसी अन्य छात्र की प्रतीत होती है" और सवाल उठाया कि क्या वास्तव में उसके ही पेपर का मूल्यांकन किया गया था।
छात्र ने कहा, ''अगर यह सच है, तो मेरे रोल नंबर के तहत वास्तव में किसका मूल्यांकन किया गया? मेरा पेपर? या किसी और का?''
छात्र ने साथ ही यह भी कहा कि यह अब केवल 'पुनः जांच' (रीचेकिंग) का मुद्दा नहीं रह गया है।''
छात्र ने सीबीएसई से उसकी मूल उत्तर पुस्तिका की जांच करने, ओएसएम टैगिंग और स्कैनिंग प्रक्रिया का ऑडिट करने, उत्तर पुस्तिकाओं के संभावित बदले जाने की जांच करने और सही पेपर का मूल्यांकन सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
वेदांत के भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर आलोचनाओं को लेकर कहा कि परिवार ने यह मुद्दा उठाने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट बनाया है।
श्रीवास्तव ने कहा, ''मैं वेदांत का भाई हूं और यह देखकर मुझे बहुत दुख हुआ है कि लोग हमें पाकिस्तानी कह रहे हैं। हां, वेदांत के पास ट्विटर अकाउंट नहीं था, क्योंकि वह ट्वीट करने के बजाय पढ़ाई में व्यस्त रहता था और हमने उसके वास्तविक मुद्दों को ट्वीट करने के लिए यह अकाउंट बनाया, क्योंकि हम पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन नहीं कर सके।''
इस बीच, 12वीं कक्षा की एक एक अन्य छात्रा संजना ने भी सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान उसे जो केमिस्ट्री की उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी मिली, वह उसकी लिखावट से मेल नहीं खाती।''
छात्रा ने कहा, ''पहले तो मुझे लगा कि स्कैन की गई कॉपी धुंधली होगी, लेकिन वह मेरी उत्तर पुस्तिका से बिल्कुल मेल नहीं खाती, हर पृष्ठ पर किसी और की लिखावट प्रतीत होती है। लिखावट बिल्कुल भी मेल नहीं खाती।''
छात्रा के अनुसार, उत्तर पुस्तिका का पहला पृष्ठ जिसपर उसकी व्यक्तिगत जानकारी थी, वह तो उसका लग रहा था, लेकिन अंदर के पृष्ठों पर उसकी लिखावट मेल नहीं खा रही थी।
संजना ने कहा है कि सीबीएसई ने उनके ईमेल का जवाब दिया है और पुष्टि की है कि केमिस्ट्री की उत्तर पुस्तिका को लेकर उनकी चिंता सही थी।
उन्होंने कहा, ''अपडेट: सीबीएसई ने हमारे ईमेल का जवाब दिया और पुष्टि की कि केमिस्ट्री की उत्तर पुस्तिका को लेकर हमारी चिंता सही थी। इस मुद्दे पर ध्यान दिलाने में मदद करने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। आपका समर्थन हमारे लिए बहुत मायने रखता है। अब सीबीएसई की ओर से अगले कदम का इंतजार है।''
ये आरोप सीबीएसई की परिणाम के बाद की सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों के बीच सामने आए हैं, जिनमें धुंधली स्कैन कॉपियां, कथित रूप से गायब पृष्ठ और अंकों में विसंगतियां शामिल हैं।
भाषा शोभना सुरेश
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