बिहार चुनाव का पहला चरण: राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा मतदान दर्ज हुआ
सुरेश माधव
- 06 Nov 2025, 10:06 PM
- Updated: 10:06 PM
नयी दिल्ली, छह नवंबर (भाषा) बिहार विधानसभा के लिए पहले चरण के मतदान में बृहस्पतिवार को 3.75 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 64.66 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जो राज्य में ‘‘अब तक का सबसे ज्यादा’’ मतदान प्रतिशत है।
निर्वाचन आयोग ने यहां जारी एक बयान में कहा कि बिहार चुनाव का पहला चरण शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और राज्य के इतिहास में ‘‘अब तक का सबसे अधिक 64.66 प्रतिशत मतदान’’ दर्ज किया गया।
पहले चरण में 18 ज़िलों के कुल 121 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ, जहां मतदाताओं की कुल संख्या 3.75 करोड़ से अधिक थी।
वर्ष 1951-52 में हुए पहले बिहार विधानसभा चुनावों के दौरान, राज्य के इतिहास में सबसे कम 42.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
बिहार में इससे पहले सबसे ज्यादा 62.57 प्रतिशत मतदान 2000 में दर्ज किया गया था।
कोविड-19 महामारी के साये में हुए 2020 के विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 57.29 रहा था।
वर्ष 1951-52 में हुए पहले लोकसभा चुनावों में, बिहार में 40.35 प्रतिशत मतदान हुआ था, जो निम्नतम आंकड़ा है।
राज्य में 1998 के संसदीय चुनावों में अब तक का सबसे अधिक 64.6 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने 1951 के बाद से विधानसभा चुनाव के पहले चरण में ऐतिहासिक मतदान के लिए बिहार के मतदाताओं को बधाई दी है।
सीईसी ने आयोग में पूर्ण विश्वास व्यक्त करने और इतनी बड़ी संख्या में जोश और उत्साह के साथ मतदान करने के लिए मतदाताओं का धन्यवाद भी किया है।
कुमार ने पूरी पारदर्शिता और समर्पण के साथ काम करने के लिए पूरी चुनाव मशीनरी को भी धन्यवाद दिया है।
बुधवार रात तक चार लाख से अधिक मतदानकर्मी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंच चुके थे। बृहस्पतिवार सुबह सात बजे तक 1,314 उम्मीदवारों द्वारा नियुक्त 67,902 से ज्यादा मतदान एजेंटों की मौजूदगी में ‘मॉक पोल’ पूरा हो गया और सभी 45,341 मतदान केंद्रों पर एक साथ शांतिपूर्ण मतदान शुरू हुआ।
बुर्का या घूंघट वाली महिलाओं की पहचान के लिए 90,000 से ज़्यादा "जीविका दीदियों" (महिला स्वयंसेवकों) के साथ-साथ प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक केंद्रीय पुलिसकर्मी तैनात किया गया था।
भाषा सुरेश