मुंबई : पवई इलाके में 17 बच्चों को बंधक बनाया गया, आरोपी पुलिस मुठभेड़ में ढेर
शफीक माधव
- 30 Oct 2025, 06:54 PM
- Updated: 06:54 PM
मुंबई, 30 अक्टूबर (भाषा) मुंबई के पवई इलाके में बृहस्पतिवार को एक स्टूडियो के अंदर 17 बच्चों और दो व्यक्तियों को बंधक बनाने का आरोपी बंधकों को मुक्त कराने के लिए चलाये गये अभियान के दौरान पुलिस गोलीबारी में मारा गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बच्चों को बंधक बनाने के आरोपी की पहचान रोहित आर्य के रूप में हुई।
घटना के बारे में जब अमरावती में पत्रकारों ने पूछा तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, जिनके पास गृह विभाग भी है, ने कहा कि जल्द ही विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
एक अधिकारी ने बताया कि आर्य पर पुलिस ने उस समय गोली चलाई जब वह ‘एयर गन’ से बच्चों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने बताया कि बाद में अस्पताल में आर्य की मौत हो गई।
संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) सत्यनारायण ने कहा, ‘‘सभी बच्चे सुरक्षित हैं।’’
बृहस्पतिवार दोपहर एलएंडटी बिल्डिंग के पास आर ए स्टूडियो में एक घंटे से ज्यादा समय तक नाटकीय स्थिति बनी रही।
अधिकारी के अनुसार, आर्य ने लगभग 15 वर्ष की आयु के लड़कों और लड़कियों को एक वेब सीरीज के ‘ऑडिशन’ के लिए बुलाया था।
उन्होंने बताया कि आर्य के पास एक ‘एयर गन’ और कुछ रसायन भी थे।
शुरुआत में पुलिस ने यह नहीं बताया कि अभियान के दौरान गोलीबारी हुई थी।
पुलिस उपायुक्त दत्ता नलावडे ने बताया कि पुलिस को दोपहर करीब एक बजकर 45 मिनट पर सूचना मिली कि महावीर क्लासिक बिल्डिंग में आर ए स्टूडियो के अंदर एक व्यक्ति ने बच्चों को बंधक बना लिया है।
उन्होंने बताया कि पवई पुलिस के अधिकारी त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), बम निरोधक दस्ते और दमकल विभाग की एक टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
बच्चों को छुड़ाए जाने से पहले, आर्य ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी किया, जिसमें कहा गया था कि वह कुछ लोगों से बात करना और उनसे सवाल पूछना चाहता है, और उसे पैसे नहीं चाहिए।
आर्य ने धमकी दी कि अगर उसे ऐसा करने नहीं दिया गया, तो वह स्टूडियो में आग लगा देगा।
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस ने आर्य से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन जब बातचीत में कोई प्रगति नहीं हुई, तो पुलिस की टीम बाथरूम के रास्ते स्टूडियो में घुसी।
उन्होंने बताया कि 17 बच्चों, एक वरिष्ठ नागरिक और एक अन्य व्यक्ति को मुक्त करा लिया गया।
भाषा शफीक