आचार संहिता उल्लंघन पर शिक्षक संगठन ने डीयू के कुलपति को पत्र लिखा
नेत्रपाल माधव
- 06 May 2024, 04:51 PM
- Updated: 04:51 PM
नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) से संबद्ध शिक्षक संगठन एएडीटीए ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह को पत्र लिखकर विश्वविद्यालय की वेबसाइट से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अन्य राजनीतिक नेताओं की तस्वीरों को हटाने का आग्रह किया है और कहा है कि यह लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आदर्श आचार संहिता लागू करने के यूजीसी के निर्देशों के विपरीत है।
हंसराज कॉलेज और नॉन कॉलेजिएट महिला शिक्षा बोर्ड (एनसीडब्ल्यूईबी) सहित कई कॉलेजों की आधिकारिक वेबसाइट पर राजनीतिक हस्तियों की तस्वीरें हैं।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के निर्देशों के उल्लंघन को लेकर टिप्पणी मांगे जाने पर इसके अध्यक्ष एम. जगदीश कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘शिक्षा मंत्रालय को चुनावी दिशानिर्देशों का पालन करने को लेकर निर्वाचन आयोग से पत्र मिलने के बाद यूजीसी ने सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को पत्र लिखकर चुनाव निकाय के समय-समय पर जारी के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया है। सभी उच्च शिक्षा संस्थानों को आदर्श आचार संहिता के बारे में निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देशों का पालन करना होगा।’’
दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
यूजीसी ने एक मई को कुलपति और विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्यों को लिखे पत्र में उनसे निर्वाचन आयोग के आदेश के मद्देनजर संस्थानों की वेबसाइट से मंत्रियों, राजनीतिक नेताओं और राजनीतिक दलों की तस्वीरों तथा उनसे संबंधित संदर्भ तुरंत हटाने को कहा था।
शिक्षक संगठन ने यूजीसी के पत्र का हवाला देते हुए लिखा, ‘‘हम आपका ध्यान एक मई, 2024 को कुलपतियों और प्राचार्यों को लिखे यूजीसी के पत्र के बाद भी आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन की ओर आकर्षित करना चाहते हैं।’’
‘एकेडेमिक्स फॉर एक्शन एंड डेवलपमेंट टीचर्स एसोसिएशन’ (एएडीटीए) ने कहा कि यूजीसी के निर्देश के बावजूद दिल्ली विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर अभी भी प्रधानमंत्री और मंत्रियों की तस्वीरों की भरमार है।
शिक्षक निकाय ने कहा, "कुछ कॉलेजों की वेबसाइट पर भी आचार संहिता का उल्लंघन करने वाली ऐसी तस्वीरें हैं। इसलिए, हम आपसे बिना किसी देरी के आचार संहिता के अनुपालन में ऐसी तस्वीरों और संदर्भ को हटाने का अनुरोध करते हैं।"
भाषा नेत्रपाल