अदालत ने आप को दिखाया आईना, केजरीवाल को इस्तीफा देना चाहिए: भाजपा की दिल्ली इकाई
आशीष वैभव
- 09 Apr 2024, 08:50 PM
- Updated: 08:50 PM
नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने आबकारी घोटाले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर केजरीवाल और उनकी आम आदमी पार्टी (आप) को आईना दिखाया है और उनके ‘‘झूठ’’ को उजागर किया है।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि केजरीवाल को अब जेल से सरकार चलाने की अपनी ‘‘जिद’’ छोड़ देनी चाहिए और तुरंत मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘अगर केजरीवाल और उनकी पार्टी अब भी अड़े रहे तो राष्ट्रपति के पास सरकार को बर्खास्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।’’
दिल्ली उच्च न्यायालय ने केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने आबकारी नीति से जुड़े धनशोधन मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी थी। अदालत ने कहा कि गिरफ्तारी को लेकर कानूनी प्रावधानों का कोई उल्लंघन नहीं हुआ और केजरीवाल की ईडी रिमांड को भी अवैध नहीं ठहराया जा सकता।
केजरीवाल वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। उन्होंने अपनी गिरफ्तारी के अलावा मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिमांड को भी चुनौती दी थी।
आम आदमी पार्टी (आप) ने कहा कि उसे उच्चतम न्यायालय से राहत मिलने की उम्मीद है। पार्टी ने कहा कि यह अरविंद केजरीवाल एवं दिल्ली और पंजाब में आप के नेतृत्व वाली सरकारों को कुचलने और खत्म करने की साजिश है।
भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अदालत के आदेश से साबित होता है कि केजरीवाल ‘‘आबकारी घोटाले’’ में ‘‘मुख्य षड्यंत्रकर्ता’’ थे और उनके खिलाफ ‘‘कई महत्वपूर्ण सबूत’’ हैं। उन्होंने कहा कि अदालत के आदेश से आबकारी नीति मामले में आप का ‘‘झूठ उजागर’’ हो गया है।
भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि सभी को कानून का पालन करना चाहिए। तिवारी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘उच्च न्यायालय के आदेश ने आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को आईना दिखाया है। ईडी द्वारा एकत्र किए गए सबूतों से पता चलता है कि वह साजिशकर्ता हैं।’’
बिधूड़ी ने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बाद केजरीवाल के पास दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
भाषा आशीष