त्रिपुरा सरकार का अगले तीन साल में अनानास की खेती का दायरा 25 प्रतिशत बढ़ाने का लक्ष्य
रमण
- 26 Jun 2026, 08:04 PM
- Updated: 08:04 PM
नयी दिल्ली, 26 जून (भाषा) त्रिपुरा सरकार ने उत्पादन बढ़ाने के लिए अगले तीन साल में अनानास की खेती का दायरा 3,000 हेक्टेयर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। राज्य के कृषि मंत्री रतन लाल नाथ ने यह जानकारी दी।
नाथ ने पीटीआई-भाषा से बातचीत में कहा कि त्रिपुरा में अभी अनानास का उत्पादन 1.78 लाख टन है और इसकी खेती 12,000 हेक्टेयर रकबे पर हो रही है।
मंत्री ने कहा कि स्थानीय मांग पूरी करने के बाद राज्य में 23,000 टन अनानास अतिरिक्त बचता है और इसे देश के दूसरे हिस्सों के साथ-साथ विदेशों में भी बेचा जा रहा है।
इस फल को बढ़ावा देने के लिए, नाथ ने कहा कि राज्य सरकार राष्ट्रीय राजधानी में 27-29 जून के दौरान 'त्रिपुरा ग्लोबल पाइनएप्पल फेस्टिवल 2026' आयोजित कर रही है।
उन्होंने कहा, ''हमारा लक्ष्य अगले तीन साल में अनानास की खेती का दायरा 3,000 हेक्टेयर तक बढ़ाना है।''
मंत्री ने कहा कि मकसद इस फल और अनानास से बने जैम और जूस जैसे मूल्यवर्धित उत्पादों को बेचकर किसानों की आय बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि अनानास के पत्तों से निकाले गए रेशे की मांग लक्जरी फैशन, घर की सजावट और टिकाऊ पैकेजिंग में है।
यहां मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित होने वाली तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी, 27 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय 'पाइनएप्पल' दिवस के साथ हो रही है।
नाथ ने कहा कि यह मेला भारत और विदेशों के किसानों, नीति-निर्माताओं, खरीदारों और प्रतिनिधियों को एक साथ लाता है ताकि त्रिपुरा के मशहूर 'क्वीन पाइनएप्पल' और राज्य की व्यापक कृषि और सांस्कृतिक पहचान को सामने लाया जा सके।
महोत्सव के दौरान त्रिपुरा के पांच अनानास किसानों को सम्मानित किया जाएगा और राज्य भर से 25 स्टॉल इसमें हिस्सा लेंगे।
मंत्री ने कहा, ''त्रिपुरा का क्वीन पाइनएप्पल हमेशा से खास रहा है और हमारे किसान पीढ़ियों से यह बात जानते हैं। हम बस यह पक्का कर रहे हैं कि बाकी दुनिया को भी इसके बारे में पता चले। यह उत्सव हमारे किसानों और वैश्विक बाजारों के बीच असली और लंबे समय तक चलने वाले संबंध बनाने का हमारा तरीका है।''
त्रिपुरा में अनानास की दो मुख्य किस्में उगाई जाती हैं - क्वीन और क्यू । वर्ष 2014 में, 'क्वीन पाइनएप्पल' को उसके खास मूल स्थान और बेहतरीन गुणवत्ता के लिए 'भौगोलिक संकेतक' (जीआई) टैग मिला।
मई 2026 में, राज्य सरकार ने 'मिशन क्वीन पाइनएप्पल' शुरू किया। यह 236 करोड़ रुपये की परियोजना है, जिसका मकसद तीन साल में इसकी खेती के दायरे को 12,000 हेक्टेयर से बढ़ाकर 15,000 हेक्टेयर करना है।
इस मिशन के तहत खेत से बाजार तक एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला बनाने के लिए 10 पैक हाउस, राइपनिंग चैंबर (फल पकाने वाला चैंबर), 20 रेफ्रिजरेटेड परिवहन वाहन, जीआई लेबलिंग मशीनें और एफएसएएआई के नियमों के मुताबिक खाद्य सुरक्षा बुनियादी ढांचा तैयार करने का प्रस्ताव है।
भाषा राजेश राजेश रमण
रमण
रमण
2606 2004 दिल्ली