भाजपा के लिए सत्ता सेवा का माध्यम, न कि शासन का आनंद लेने का जरिया: हरियाणा के मुख्यमंत्री
माधव
- 08 Jun 2026, 05:19 PM
- Updated: 05:19 PM
नारनौल, आठ जून (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को यहां पार्टी के नवनिर्मित जिला कार्यालय 'नमो कमल' का उद्घाटन करने के बाद कहा कि सत्ता भाजपा के लिए अधिकार का आनंद लेने का साधन नहीं बल्कि जनसेवा का माध्यम है।
इससे पहले उन्होंने पार्टी का झंडा फहराया और हवन में भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा भाजपा अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने की।
सैनी ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान सरकार ने पिछली सरकारों के तहत राज्य के दक्षिणी क्षेत्र द्वारा झेले गए भेदभाव को समाप्त कर दिया है तथा 'हरियाणा एक, हरियाणवी एक' के दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदलकर पूरे राज्य में संतुलित विकास सुनिश्चित किया है।
महर्षि च्यवन की पवित्र भूमि को श्रद्धांजलि देते हुए सैनी ने कहा कि इस क्षेत्र में देशभक्ति और बलिदान की समृद्ध विरासत है, जिसने राष्ट्र की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सपूतों को जन्म दिया।
महेंद्रगढ़ जिले के विकास पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि नारनौल और आसपास के क्षेत्रों में सड़क संपर्क को काफी मजबूत किया जा रहा है।
इस क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं और इनसे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सैनी ने क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जल संकट की समस्या के समाधान के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि नहर का पानी अंतिम छोर के क्षेत्रों तक भी पहुंचे, जिससे वर्षों से पानी की कमी का सामना कर रहे निवासियों को राहत मिले।
महेंद्रगढ़ जिले में नए जिला कार्यालय की स्थापना पर भाजपा कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए सैनी ने कहा कि संगठनात्मक केंद्र का उद्घाटन गर्व और संतोष का विषय है।
उन्होंने कहा की कि राजनीतिक दलों के कार्यालय केवल ईंट, सीमेंट और गारे से बनी इमारतें नहीं हैं, बल्कि संगठनात्मक शक्ति, विचारधारा और ऊर्जा के केंद्र हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए पार्टी कार्यालय संगठन और सेवा का मंदिर है, जहां से राष्ट्र की सेवा करने का संकल्प मजबूत होता है और यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाते हैं कि विकास और कल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
भाषा
शुभम माधव
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