कर्नाटक के तटीय जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
सं, राजेंद्र रवि कांत
- 09 Jun 2026, 12:13 AM
- Updated: 12:13 AM
मंगलुरु, आठ जून (भाषा) कर्नाटक के तटीय जिलों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अगले दो दिनों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है।
अधिकारियों के अनुसार कर्नाटक तट पर मानसून के आगमन के बाद से क्षेत्र में व्यापक और लगातार बारिश हो रही है। कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा दर्ज की गई है।
भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और तेज जलप्रवाह की स्थिति बन गई है। प्रशासन संभावित बाढ़ और भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर रखे हुए है।
आईएमडी ने दक्षिण कन्नड़ और उडुपी जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी देते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, उत्तर कन्नड़ जिले में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। तटीय क्षेत्रों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
रेड अलर्ट का अर्थ है कि 24 घंटे के दौरान 20 सेंटीमीटर से अधिक वर्षा हो सकती है, जिससे जलभराव, यातायात बाधित होने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी परामर्श का पालन करने की सलाह दी है। खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की हिदायत दी गई है।
हालांकि मानसून के दौरान लागू 60 दिन के मछली पकड़ने के प्रतिबंध के बावजूद कुछ छोटी नौकाओं से जुड़े मछुआरे सीमित दूरी तक समुद्र में जाते हैं।
दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों में प्रशासन ने अतिरिक्त एहतियाती कदम उठाए हैं। पर्यटकों को समुद्र तटों पर ऊंची लहरों के निकट जाने से रोका जा रहा है तथा प्रमुख स्थानों पर चेतावनी संबंधी बोर्ड लगाए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस, तटीय पुलिस और स्थानीय जीवनरक्षक दलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि मंगलुरु तालुक और शहर के कुछ हिस्सों को छोड़कर क्षेत्र के अन्य भागों से जलभराव की कोई बड़ी सूचना नहीं मिली है।
मौसम विभाग के अधिकारियों ने कहा कि दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ जिलों में आगामी सप्ताह के दौरान भी व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है, क्योंकि क्षेत्र में मानसून सक्रिय बना हुआ है।
राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू.टी. खादर ने चेतावनी दी है कि यदि मानसून के दौरान जलभराव वाले गड्ढों के कारण कोई दुर्घटना होती है और उसमें जनहानि या कोई व्यक्ति घायल होता है, तो संबंधित विभागों के अभियंताओं को सीधे जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
मंगलुरु में मानसून तैयारियों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए खादर ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने तथा जलभराव की समस्या को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने के निर्देश दिए।
भाषा
सं, राजेंद्र रवि कांत
0906 0013 मंगलुरु (कर्नाटक)