भाजपा विधायकों ने विधानसभा में कैग रिपोर्ट पेश करने के मामले पर फिर किया उच्च न्यायालय का रुख
सिम्मी मनीषा
- 23 Dec 2024, 11:53 AM
- Updated: 11:53 AM
नयी दिल्ली, 23 दिसंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सात विधायकों ने शहर के प्रशासन से संबंधित नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की 14 रिपोर्ट विधानसभा में पेश किए जाने के अनुरोध को लेकर सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।
याचिकाकर्ताओं के वरिष्ठ वकील ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विभु बाखरू और न्यायमूर्ति तुषार राव गेडेला की पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया, जिसने निर्देश दिया कि इसे ‘‘सामान्य प्रक्रिया’’ के तहत सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।
कैग रिपोर्ट के संबंध में विधायकों द्वारा दायर की गई यह दूसरी याचिका है।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले दायर की गई रिट याचिका के बावजूद सरकार ने अभी तक 14 कैग रिपोर्ट विधानसभा के समक्ष पेश नहीं की हैं।
जब पीठ ने पूछा कि इस मामले में जल्द सुनवाई की आवश्यकता क्यों है तो वरिष्ठ वकील ने कहा कि चुनाव की घोषणा हो जाने के बाद विधानसभा का सत्र नहीं बुलाया जाएगा।
अदालत ने कहा, ‘‘सामान्य प्रक्रिया है।’’
विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता और भाजपा विधायकों मोहन सिंह बिष्ट, ओम प्रकाश शर्मा, अजय कुमार महावर, अभय वर्मा, अनिल कुमार बाजपेयी और जितेंद्र महाजन ने विधानसभा के समक्ष कैग रिपोर्ट पेश करने के मामले पर पहले भी याचिका दायर की थी।
वकीलों नीरज और सत्य रंजन स्वैन के माध्यम से दायर नयी याचिका में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि पहले के मामले में पारित आदेश के बावजूद अध्यक्ष को अभी तक रिपोर्ट नहीं मिली है।
याचिका में कहा गया है, ‘‘माननीय अध्यक्ष ने याचिकाकर्ताओं को सूचित किया कि उन्हें कैग रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। जब 20 दिसंबर 2024 को याचिकाकर्ता संख्या एक ने कैग रिपोर्ट प्राप्त करने के बारे में फिर से पूछताछ की, तो दिल्ली विधानसभा के माननीय अध्यक्ष ने बताया कि उन्हें अभी तक यानी उस दिन 12 बजकर 51 मिनट तक कैग रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।’’
इसमें कहा गया है, ‘‘यह माननीय न्यायालय के समक्ष जीएनसीटीडी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार) की ओर से वरिष्ठ वकील द्वारा दिए गए बयान/वचन का स्पष्ट उल्लंघन है।’’
याचिका में कहा गया है कि इसलिए उन्होंने दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री/वित्त मंत्री को निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है कि वे 14 कैग रिपोर्ट को समयबद्ध तरीके से दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष को भेजें ताकि सभी आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
भाषा सिम्मी