मैथिली, मगधी को शास्त्रीय भाषा घोषित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं: सरकार
सुरेश दिलीप
- 16 Dec 2024, 09:36 PM
- Updated: 09:36 PM
नयी दिल्ली, 16 दिसंबर (भाषा) सरकार ने सोमवार को लोकसभा को सूचित किया कि मैथिली और मगधी को शास्त्रीय भाषा घोषित करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सदन में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह बात कही।
उनसे पूछा गया था कि क्या मैथिली और मगधी भाषाओं को शास्त्रीय भाषा घोषित करने का कोई प्रस्ताव ‘‘सरकार के पास लंबित या विचाराधीन है’’।
मंत्री ने कहा, ‘‘मैथिली और मगधी को शास्त्रीय भाषा घोषित करने का कोई प्रस्ताव फिलहाल (सरकार के पास) विचाराधीन नहीं है। किसी भाषा को शास्त्रीय भाषा घोषित करने के लिए स्थापित प्रक्रिया के अनुसार, संबंधित राज्य सरकार की सिफारिशों के साथ एक विस्तृत प्रस्ताव की आवश्यकता होती है, जिसे पात्रता का आकलन करने के लिए भाषा विशेषज्ञ समिति के समक्ष रखा जाता है।’’
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इससे पहले अक्टूबर में मराठी, पाली, प्राकृत, असमिया और बांग्ला भाषाओं को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने को मंजूरी दी थी।
भारत सरकार ने 12 अक्टूबर, 2004 को ‘‘शास्त्रीय भाषाओं’’ के रूप में भाषाओं की एक नई श्रेणी बनाने का निर्णय लिया, जिसमें तमिल को शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया।
संस्कृति मंत्रालय द्वारा साहित्य अकादमी के तहत नवंबर 2004 में शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के लिए प्रस्तावित भाषाओं की जांच करने के लिए एक भाषा विशेषज्ञ समिति (एलईसी) का गठन किया गया था।
नवंबर 2005 में मानदंडों को संशोधित किया गया और संस्कृत को शास्त्रीय भाषा घोषित किया गया।
भारत सरकार ने 2004 में तमिल, 2005 में संस्कृत, 2008 में तेलुगु, 2008 में कन्नड़, 2013 में मलयालम और 2014 में उड़िया को शास्त्रीय भाषा का दर्जा दिया है।
एक अन्य प्रश्न में केंद्रीय मंत्री से हाल ही में अमेरिका से 297 पुरावशेषों की बरामदगी के विवरण के बारे में भी पूछा गया।
उन्होंने कहा, ‘‘इन वस्तुओं को पहले ही न्यूयॉर्क स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास के कार्यालय को सौंप दिया गया है। अमेरिका से भारत में 297 पुरावशेषों के परिवहन के लिए स्वीकृति आदेश जारी किया गया है।’’
शेखावत ने कहा कि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत स्मारकों, स्थलों और पुरावशेषों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि ‘‘पर्याप्त दस्तावेज’’ के साथ 3,698 केंद्रीय संरक्षित स्मारक (सीपीएम) हैं, जिनमें किले भी शामिल हैं।
भाषा सुरेश