आंध्र प्रदेश: बंदरगाह हिस्सेदारी हासिल करने के मामले में विजयसाई रेड्डी के खिलाफ एलओसी जारी
जितेंद्र दिलीप
- 06 Dec 2024, 06:21 PM
- Updated: 06:21 PM
अमरावती, छह दिसंबर (भाषा) आंध्र प्रदेश पुलिस ने युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के सांसद विजयसाई रेड्डी के खिलाफ ‘लुकआउट सर्कुलर’ (एलओसी) जारी किया है।
पुलिस ने कुछ दिन पहले काकीनाडा समुद्री बंदरगाह और सेज (विशेष आर्थिक क्षेत्र) की हिस्सेदारी हासिल करने के मामले में रेड्डी के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि यह कार्रवाई ‘गलत इरादे’ से की गई है।
सरकार के उच्च पदस्थ सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि आंध्र प्रदेश सीआईडी ने उनके अलावा पार्टी के एक अन्य सदस्य वाईवी सुब्बा रेड्डी के बेटे वाई विक्रांत रेड्डी और अरबिंदो फार्मा लिमिटेड के गैर-कार्यकारी निदेशक सरथ चंद्र रेड्डी के खिलाफ एलओसी जारी किया है।
आंध्र प्रदेश सीआईडी ने इस सप्ताह की शुरुआत में विजयसाई रेड्डी, विक्रांत रेड्डी व सरथ चंद्र रेड्डी के अलावा पीकेएफ श्रीधर व संथानम एलएलपी, अरबिंदो रिएल्टी और अन्य पर काकीनाडा समुद्री बंदरगाह और काकीनाडा सेज में हिस्सेदारी हासिल करने के लिए कथित तौर पर जालसाजी करने का मामला दर्ज किया था।
केएसपीएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कर्नाटी वेंकटेश्वर राव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उनके परिवार के स्वामित्व वाली फर्मों की केएसपीएल (काकीनाडा समुद्री बंदरगाह) में 41.12 प्रतिशत और केसेज (काकीनाडा सेज) में 48.74 प्रतिशत हिस्सेदारी को पूर्व मुख्यमंत्री व वाईएसआरसीपी सुप्रीमो वाईएस जगन मोहन रेड्डी के कहने पर अरबिंदो रियल्टी (जिसका नाम बदलकर ऑरो इंफ्रा कर दिया गया है) ने 2020-21 में 500 करोड़ रुपये से थोड़ा अधिक में हासिल कर लिया था, जबकि उसकी अनुमानित कीमत 3600 करोड़ रुपये से अधिक थी।
विजयसाई रेड्डी ने एलओसी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सर्कुलर जारी करने की आवश्यकता पर सवाल उठाया और आश्चर्य जताया कि वह विदेश कैसे जा सकते हैं, जबकि उन्हें विदेश यात्रा करने के लिए हैदराबाद की सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो)अदालत से अनुमति लेनी पड़ती है, क्योंकि वह कई मामलों में आरोपी हैं।
उन्होंने कहा, “यही कारण है कि मैं कह रहा हूं कि नायडू (आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू) की बुद्धि घट रही है। मेरे खिलाफ 21 मामले दर्ज हैं। अगर मैं विदेश जाना चाहता हूं, तो मुझे हैदराबाद में सीबीआई अदालत से अनुमति लेनी होती है। चंद्रबाबू नायडू का गुप्त उद्देश्य समझ से परे है। ”
रेड्डी ने दावा किया कि एलओसी जारी करने का उद्देश्य उनकी प्रतिष्ठा और छवि को खराब करना था।
इस बीच, विक्रांत रेड्डी ने मामले के संबंध में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की।
भाषा जितेंद्र