बांग्लादेश ने कोलकाता स्थित उप उच्चायोग के प्रमुख को परामर्श के लिए बुलाया
सिम्मी शोभना
- 06 Dec 2024, 12:00 PM
- Updated: 12:00 PM
कोलकाता, छह दिसंबर (भाषा) बांग्लादेश ने हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर कोलकाता में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच कोलकाता में तैनात अपने कार्यवाहक उप उच्चायुक्त सिकदर मोहम्मद अशरफुर रहमान को परामर्श के लिए तत्काल बुलाया है।
रहमान बांग्लादेश के राजनीतिक मामलों के मंत्री भी हैं और वह ढाका लौट गए हैं।
कोलकाता में बांग्लादेश के उप उच्चायोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कोलकाता में हमारे कार्यालय के बाहर जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद अशरफुर रहमान को बातचीत के लिए तत्काल बुलाया गया है। इसके अलावा, वह अगले सप्ताह दोनों देशों के बीच होने वाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे। वह इस महीने के मध्य तक वापस आ जाएंगे।’’
राजनीतिक दलों और धार्मिक समूहों ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के विरुद्ध अत्याचारों की निंदा करते हुए कोलकाता स्थित उप उच्चायोग के सामने पिछले सप्ताह कई विरोध प्रदर्शन किए।
संबंधित घटनाक्रम के तहत त्रिपुरा की राजधानी अगरतला स्थित बांग्लादेश सहायक उच्चायोग ने सुरक्षा कारणों से अपनी सभी सेवाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी हैं।
बांग्लादेश ने यह घोषणा उसके देश में हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे लोगों के एक समूह द्वारा अगरतला स्थित सहायक उच्चायोग में सोमवार को जबरन घुसने की घटना के बाद की।
बढ़ते तनाव के बीच, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने अगरतला स्थित सहायक उच्चायोग में हुई तोड़फोड़ को लेकर अपना विरोध दर्ज कराने के लिए ढाका में भारत के उच्चायुक्त को तलब किया था।
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री अगले सप्ताह विदेश सचिव स्तर की बैठक के लिए बांग्लादेश जाएंगे। यह शेख हसीना के बांग्लादेश की प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने और आठ अगस्त को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच पहली उच्च स्तरीय बातचीत होगी।
हसीना के पांच अगस्त को बांग्लादेश छोड़कर भारत आने के बाद से दोनों पड़ोसियों के बीच संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं।
दास की हालिया गिरफ्तारी ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया है। भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमलों पर चिंता व्यक्त की है।
भाषा सिम्मी