झारखंड में साइलेंट पीरियड में घोषणापत्र जारी कर कांग्रेस ने किया संविधान के साथ खिलवाड़: भाजपा
ब्रजेन्द्र वैभव
- 13 Nov 2024, 04:32 PM
- Updated: 04:32 PM
नयी दिल्ली, 13 नवंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस ने झारखंड में प्रचार का शोर थमने और मतदान शुरु होने के बीच की अवधि (साइलेंट पीरियड) के दौरान राज्य विधानसभा चुनाव के लिए घोषणापत्र जारी कर संविधान के साथ खिलवाड़ किया है।
पार्टी ने निर्वाचन आयोग से झारखंड में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) के उल्लंघन के लिए कांग्रेस के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया और साथ ही आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को खुश करने के लिए नियमों की धज्जियां उड़ाईं।
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पार्टी की झारखंड इकाई ने कथित रूप से चुनाव प्रचार थमा होने के दौरान अपना घोषणापत्र जारी करने के लिए कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के खिलाफ मंगलवार को निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराई।
कांग्रेस ने मंगलवार को झारखंड विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें 250 यूनिट मुफ्त बिजली, जाति आधारित जनगणना कराने और सच्चर समिति की रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों के समग्र विकास के लिए विशेष नीति बनाने सहित कई वादे किए गए हैं।
झारखंड में झामुमो, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भाकपा (माले) लिबरेशन के साथ गठबंधन में विधानसभा चुनाव लड़ रही कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि वह अल्पसंख्यक समुदाय के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। पार्टी ने जोर देकर कहा कि वह केंद्र द्वारा लाए गए वक्फ संशोधन विधेयक का अपने सहयोगियों के साथ कड़ा विरोध करती है।
पात्रा ने कहा, ‘‘मतदान से पहले के 48 घंटे के दौरान ‘साइलेंट पीरियड’ में कोई भी पार्टी प्रचार-प्रचार नहीं कर सकती है। कोई रैली भी नहीं हो सकती है। लेकिन बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि यह जानते हुए भी मतदान से पूर्व 12 नवंबर को कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी किया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह दुखद है और संविधान के साथ खिलवाड़ है।’’
झारखंड में 81 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के लिए पहले चरण के मतदान के तहत 43 सीटों पर बुधवार को मतदान हो रहा है।
पात्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पहले भी कई बार ऐसा किया है और उसके ‘दिग्गज नेता’ निर्वाचन आयोग को कभी गंभीरता से नहीं लेते हैं।
भाजपा सांसद पात्रा ने कहा, “कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी निर्वाचन आयोग को कभी भी गंभीरता से नहीं लेते... वह निर्वाचन आयोग के खिलाफ बोलते रहते हैं।”
उन्होंने कहा, ‘‘जिस प्रकार से कल राहुल गांधी की पार्टी ने निर्वाचन आयोग के नियमों की धज्जियां उड़ाई हैं, मुझे लगता है कि आयोग को इसका संज्ञान लेना चाहिए और इस पर कार्रवाई होनी चाहिए।’’
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करते हुए चुनाव से ठीक एक दिन पहले अपना घोषणापत्र जारी किया क्योंकि वह अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों को खुश करने के लिए कुछ वादों की घोषणा करना चाहती थी।
उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने जिस प्रकार राहुल गांधी और सोनिया गांधी के कहने पर कर्नाटक में किसानों की जमीन छीनने और उन्हें वक्फ बोर्ड को देने की साजिश रची थी, इसमें कोई शक नहीं कि झारखंड में उसी साजिश को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस और झामुमो ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में कुछ बिंदु शामिल किए हैं।’’
पात्रा ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस सरकार ने राज्य के वित्त विभाग से जांच करने के लिए कहा है कि क्या सार्वजनिक निविदाओं में मुस्लिम संगठनों और ठेकेदारों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के घोषणापत्र में तय किया गया है कि क्या झारखंड में ‘घुसपैठियों’ को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों में से आरक्षण दिया जा सकता है।
भाषा ब्रजेन्द्र पारुल
ब्रजेन्द्र