दिवाली के एक दिन बाद कोलकाता में वायु की गुणवत्ता हुई ‘खराब’
यासिर रंजन
- 01 Nov 2024, 04:28 PM
- Updated: 04:28 PM
कोलकाता, एक नवंबर (भाषा) काली पूजा और दिवाली के एक दिन बाद शुक्रवार को कोलकाता के विभिन्न इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘खराब’ रहा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डब्ल्यूबीपीसीबी) के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पीएम 2.5 सूक्ष्म कणों के संदर्भ में बल्लीगंज क्षेत्र में एक्यूआई का स्तर 173 था और शुक्रवार सुबह जादवपुर, बेलेघाटा, सिंथी जैसे इलाकों में यह 166 के आसपास रहा तथा इसे ‘खराब’ श्रेणी में रखा गया।
रवीन्द्र सरोवर में एक्यूआई 129, फोर्ट विलियम में 115, विक्टोरिया मेमोरियल में 124 था।
शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच को ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच को ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच को ‘खराब’, 301 से 400 के बीच को ‘बहुत खराब’, 401 से 450 के बीच ‘गंभीर’ और 450 से ऊपर एक्यूआई को ‘बेहद’ गंभीर माना जाता है।
अधिकारी ने कहा, ‘‘जादवपुर, कस्बा, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, बेलेघाटा जैसे कुछ स्थानों में 31 अक्टूबर की शाम छह बजे पीएम 2.5 सामान्य 60 माइक्रोग्राम से लेकर रात दो बजे तक एक्यूआई पीएम 2.5 अपने 250 के स्तर को पार कर गया, जिसे बहुत खराब श्रेणी में रखा जा सकता है।"
उन्होंने कहा, ‘‘केवल हरित पटाखों के इस्तेमाल के लिए दिए गए हमारे दिशानिर्देश और दक्षिण 24 परगना जैसे जिलों में चोरी-छिपे अवैध रूप से बनाए गए पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने से एक्यूआई को 300 की सीमा पार करने से रोकने में थोड़ी मदद मिली है। लेकिन हम आम नागरिकों से अधिक संवेदनशील होने और प्रतिबंधित पटाखों का उपयोग बंद करने तथा रात 10 बजे के बाद पटाखे जलाना बंद करने का आग्रह करते हैं।’’
पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार को काली पूजा और दिवाली मनाई गई तथा लोगों ने जमकर पटाखे फोड़े।
परिवेश भवन स्थित डब्ल्यूबीपीसीबी का निगरानी प्रकोष्ठ काली पूजा की पूरी रात स्थिति पर नजर रखता रहा।
पर्यावरणविद् और हरित कार्यकर्ता सोमेन्द्र मोहन घोष ने आरोप लगाया कि रात नौ बजे से मध्य रात्रि 12 बजे तक और यहां तक कि रात एक बजे के बाद भी ढकुरिया, जादवपुर, बल्लीगंज, चेतला, बेलेघाटा, सिंथी एवं शहर के कई अन्य इलाकों में ध्वनि वाले पटाखे धड़ल्ले से फोड़े गए।
भाषा यासिर