नगालैंड के डीजीपी ने पुलिस कर्मियों से लोगों की सेवा का संकल्प दोहराने का आह्वान किया
सुरभि मनीषा
- 21 Oct 2024, 11:43 AM
- Updated: 11:43 AM
कोहिमा, 21 अक्टूबर (भाषा) नगालैंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) रुपिन शर्मा सोमवार को यहां पुलिस स्मृति दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए और पुलिस कर्मियों से लोगों की सेवा का संकल्प दोहराने का आह्वान किया।
शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने देश की अखंडता और सुरक्षा तथा सभी नागरिकों के जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए अपने प्राणों की आहुति देकर सर्वोच्च बलिदान करने वाले राज्य के चार पुलिसकर्मियों सहित पूरे भारत के 214 पुलिसकर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित की और उन्हें नमन किया।
पुलिस स्मृति दिवस परेड के दौरान शर्मा ने कहा, ‘‘आज के दिन हम उन सभी पुलिस कर्मियों के बलिदान को याद करते हैं जिन्होंने बीते वर्षों में पूरे भारत में अपने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उनके सर्वोच्च बलिदान से देश के शांतिपूर्ण आर्थिक विकास और प्रत्येक व्यक्ति की प्रगति एवं समृद्धि की दिशा में उचित माहौल उपलब्ध हो पाया है।’’
डीजीपी ने विशेष रूप से चार बहादुर नगालैंड पुलिस कर्मियों - 14वीं एनएपी (आईआर) बटालियन, किफिर के कांस्टेबल (ड्राइवर) खेतोपू अवोमी, 10वीं एनएपी (आईआर) बटालियन झादिमा के हवलदार ए. निकिये त्सुइपु, 10वीं एनएपी (आईआर) झादिमा के कांस्टेबल (जीडी) वेटेलहो लोसौ और 10वीं एनएपी (आईआर) बटालियन के कांस्टेबल (जीडी) अकांगलुबा के बलिदान और योगदान का जिक्र किया, जिन्होंने अपने कर्तव्यों को पूरा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
बीते वर्षों में हर नगालैंड पुलिस कर्मी के अथक प्रयासों को स्वीकार करते हुए और उनकी सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने (पुलिस कर्मियों) न केवल कानून-व्यवस्था तथा सार्वजनिक शांति बनाए रखी, बल्कि राज्य में दो बेहद शांतिपूर्ण चुनाव तथा 2024 के लोकसभा चुनाव भी सफलतापूर्वक संपन्न कराए और अत्यधिक गर्मी को सहन करते हुए सतर्कता बरती, जिसकी आम जनता भी सराहना करती है।
शर्मा ने कहा, ‘‘आज महज शोक मनाने का दिन नहीं है, बल्कि अपने कार्यों से अमर हो चुके इन पुरूष एवं महिला पुलिस कर्मियों के निस्वार्थ बलिदान की भावना का जश्न मनाने का दिन है।’’
डीजीपी ने प्रत्येक पुलिस कर्मी से लोगों की सेवा करने, राष्ट्र की अखंडता को सुरक्षित रखने और उसे बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर सर्वोच्च बलिदान देने की अपनी प्रतिज्ञा को दोहराने का आह्वान किया।
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