बस मार्शल मुद्दे पर हंगामा के लिए सौरभ भारद्वाज, आप के तीन विधायकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
आशीष दिलीप
- 06 Oct 2024, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
नयी दिल्ली, छह अक्टूबर (भाषा) दिल्ली पुलिस ने बस मार्शल की बहाली के मुद्दे पर सचिवालय और उपराज्यपाल आवास पर हुए हंगामे के लिए दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज और आम आदमी पार्टी (आप) के तीन विधायकों के खिलाफ रविवार को मामला दर्ज किया।
दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, आप विधायकों पर सिविल लाइंस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत आरोप लगाए गए हैं।
दिल्ली पुलिस ने इस मामले पर अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है।
शनिवार को भारद्वाज और आप के अन्य नेताओं ने गुप्ता का पैर पकड़कर अनुरोध किया कि वे बस मार्शल पर कैबिनेट नोट को लेकर उनकी मंजूरी लेने के लिए उपराज्यपाल वीके सक्सेना के घर उनके साथ चलें।
गुप्ता ने आरोप लगाया है कि आप विधायक सौरभ भारद्वाज, कुलदीप कुमार, जरनैल सिंह और रोहित महरोलिया ने अभद्र व्यवहार किया, जिसके कारण धक्का-मुक्की हुई। उन्होंने कहा कि यह तब हुआ, जब भाजपा विधायकों ने मार्शल के मुद्दे पर दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी को ज्ञापन सौंपा।
गुप्ता ने बताया कि बैठक से बाहर निकलते समय सचिवालय परिसर में मौजूद आप विधायकों ने दुर्व्यवहार किया और धक्का मुक्की की। शनिवार को बस मार्शल की बहाली के मुद्दे पर आप और भाजपा विधायकों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए।
सार्वजनिक परिवहन बसों में मार्शल के रूप में तैनात 10,000 से अधिक नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों को पिछले वर्ष हटा दिया गया था, क्योंकि नागरिक सुरक्षा निदेशालय ने आपत्ति जताई थी कि वे आपदा प्रबंधन कर्तव्यों के लिए नियुक्त हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने भाजपा विधायकों के साथ उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना से मुलाकात की और बस मार्शल की बहाली के लिए एक कैबिनेट नोट सौंपा। हालांकि, कुछ समय बाद आप नेताओं ने इस मुद्दे पर भाजपा पर ‘‘विश्वासघात’’ का आरोप लगाया।
नाटकीय घटनाक्रम में दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के पैरों पर गिरकर उनसे अनुरोध किया कि वह आप नेताओं के साथ उपराज्यपाल के आवास पर चलें और बस मार्शल की बहाली पर सक्सेना की मंजूरी लें, जबकि मुख्यमंत्री अपनी कार छोड़कर भाजपा नेता की कार में बैठ गईं।
भाषा आशीष