उपराज्यपाल सक्सेना के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने ‘हरित कलश यात्रा’ रोक दी: पर्यावरण मंत्री गोपाल राय
शफीक माधव
- 01 Oct 2024, 04:59 PM
- Updated: 04:59 PM
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के आदेश पर सरकार की ‘हरित कलश यात्रा’ रोक दी, जिसका उद्देश्य यहां कनॉट प्लेस में पौधारोपण के प्रति जागरूकता अभियान चलाना था।
प्रदूषण से निपटने के लिए दिल्ली सरकार की शीतकालीन कार्य योजना के तहत मंगलवार सुबह ‘हरित कलश यात्रा’ आयोजित की जानी थी।
राय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कल रात उपराज्यपाल साहब ने पुलिस के जरिए निर्देश जारी किया और आज प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कनॉट प्लेस में हमारा पौधारोपण कार्यक्रम रोक दिया गया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली के विभिन्न हिस्सों से करीब 1,500 महिलाएं आई थीं और पुलिस से अनुमति मिलने के बावजूद जैसे ही महिलाओं ने अपने सिर पर कलश उठाया, पुलिस ने मेरे पहुंचने से पहले ही कार्यक्रम रद्द कर दिया।’’
राय ने इस कदम की आलोचना करते हुए पुलिस तथा उपराज्यपाल पर शहर में बढ़ते अपराध की अनदेखी करने का भी आरोप लगाया।
मंत्री ने कहा, ‘‘एक तरफ अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस बदमाशों को पकड़ने के बजाय जागरूकता कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को हटाने में व्यस्त है।’’
राय ने पर्यावरण प्रयासों पर उपराज्यपाल के रुख पर सवाल उठाते हुए दावा किया, ‘‘एलजी बिना किसी अनुमति के हजारों पेड़ कटवा देते हैं और अब वह पुलिस बल के जरिये पौधारोपण अभियान चलाने वालों को भगा रहे हैं।’’
राय ने आरोप लगाया, ‘‘एलजी को 1,000 पेड़ काटने के लिए किसी अनुमति की आवश्यकता नहीं है, लेकिन जब दिल्ली सरकार सभी आवश्यक अनुमतियों के साथ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है, तो उसे जबरन बंद करा दिया जाता है।’’
सोमवार को दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था के मुद्दों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय राजधानी के मध्य और सीमावर्ती इलाकों में अगले छह दिनों तक निषेधाज्ञा लागू कर दी।
दिल्ली पुलिस मुख्यालय से जारी आदेश के अनुसार, पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने नयी दिल्ली, उत्तर व मध्य जिलों तथा अन्य राज्यों की सीमा से लगे सभी थाना क्षेत्रों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 (जो पहले सीआरपीसी की धारा 144 थी) लागू करने का निर्देश दिया है।
आदेश में कहा गया है कि यह निषेधाज्ञा पांच अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी।
भाषा
शफीक