बीएपीएसए ने वाम संगठनों के समर्थन से जेएनयूएसयू केंद्रीय पैनल में पहली बार पद हासिल किया
नोमान खारी
- 25 Mar 2024, 11:20 AM
- Updated: 11:20 AM
नयी दिल्ली, 25 मार्च (भाषा) बिरसा आंबेडकर फुले स्टूडेंट्स एसोसिएशन (बीएपीएसए) ने अपने इतिहास में पहली बार जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) के केंद्रीय पैनल में स्थान हासिल किया।
बीएपीएसए उम्मीदवार प्रियांशी आर्य ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के अर्जुन आनंद को 926 मतों से हराकर महासचिव पद जीता। आर्य को 2,887 वोट मिले जबकि आनंद को 1961 मतों से संतोष करना पड़ा।
चार साल के अंतराल के बाद शुक्रवार को हुए जेएनयू छात्र संघ के चुनाव के नतीजे रविवार देर रात घोषित किए गए।
यूनाइटेड लेफ्ट पैनल ने जेएनयूएसयू चुनाव में अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े एबीवीपी को सभी पदों पर शिकस्त दी। इसमें महासचिव पद बीएपीएसए ने हासिल किया।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आईसा) के धनंजय ने 2,598 मत हासिल करके जेएनयूएसयू अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की, जबकि एबीवीपी के उमेश सी अजमीरा ने 1,676 मत प्राप्त किए।
बीएपीएसए आंबेडकरवादी छात्र संगठन है जिसका गठन 15 नवंबर 2014 को बिरसा मुंडा की जयंती पर जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में किया गया था।
बीएपीएसए जेएनयूएसयू के केंद्रीय पैनल में एक भी पद हासिल करने में नाकाम रहा था। केंद्रीय पैनल में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद शामिल हैं।
हालांकि संगठन लगातार काउंसलर पदों पर जीत हासिल करता रहा।
जेएनयूएसयू की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी और छात्रों का समर्थन होने के बावजूद बीएपीएसए अब तक केंद्रीय पैनल में पद हासिल करने के लिए संघर्ष करता रहा।
चुनाव समिति द्वारा महासचिव पद पर डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) की उम्मीदवार स्वाति सिंह का नामांकन रद्द किए जाने के बाद ‘यूनाइटेड लेफ्ट अलायंस’ ने बीएपीएसए की आर्य को अपना समर्थन दिया था। शिकायत निवारण समिति में की गई शिकायत के बाद डीएसएफ उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द कर दी गई थी।
हालांकि, चुनावों के बाद, बीएपीएसए ने गठबंधन से दूरी बना ली और भविष्य में स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का इरादा व्यक्त किया।
बीएपीएसए के एक पदाधिकारी प्रमोद सागर ने मीडिया से कहा कि संगठन की परिसर में लंबे वक्त से मौजूदगी है और उसके पास अपना जनाधार है।
भाषा नोमान