असम: विधायक भरत चंद्र नारा ने कांग्रेस छोड़ी
नोमान हक
- 25 Mar 2024, 01:45 PM
- Updated: 01:45 PM
गुवाहाटी, 25 मार्च (भाषा) असम के लखीमपुर जिले के नाउबोइचा से विधायक भरत चंद्र नारा ने पत्नी को लोकसभा चुनाव का टिकट नहीं मिलने के बाद सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया।
कांग्रेस ने दो दिन पहले उदय शंकर हजारिका को लखीमपुर लोकसभा सीट से पार्टी का उम्मीदवार घोषित किया। नारा को उम्मीद थी कि कांग्रेस इस सीट से उनकी पत्नी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री रानी नारा को टिकट देगी।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे एक पंक्ति के त्यागपत्र में कहा, ‘‘मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा देता हूं।’’
नारा ने रविवार को असम प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रकोष्ठ के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।
वह धाकुखाना विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे और 2021 में नाउबोइचा से छठी बार विधायक बने। कांग्रेस में शामिल होने से पहले, वह असम गण परिषद (अगप) में थे।
नारा अगप और कांग्रेस दोनों सरकारों में कैबिनेट मंत्री रहे हैं। वह तत्कालीन मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के प्रेस सलाहकार भी थे।
उनकी पत्नी रानी नारा लखीमपुर से तीन बार सांसद रही हैं और एक बार राज्यसभा की सदस्य भी रही।
पार्टी सूत्रों ने कहा कि रानी नारा और हजारिका लखीमपुर से टिकट की मांग कर रहे थे। हजारिका कुछ महीने पहले सत्तारूढ़ भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए थे।
सूत्रों ने कहा कि हजारिका पार्टी में एक नया चेहरा हैं, लेकिन उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख भूपेन कुमार बोरा का समर्थन प्राप्त है।
इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस सांसद अब्दुल खालिक ने बारपेटा संसदीय क्षेत्र से टिकट नहीं मिलने के बाद पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि दिल्ली में सोनिया गांधी और खरगे के साथ मुलाकात के बाद उन्होंने त्याग पत्र वापस ले लिया।
कांग्रेस ने राज्य की 14 लोकसभा सीट में से 13 सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इसने सहयोगी असम जातीय परिषद (एजेपी) को डिब्रूगढ़ सीट पर समर्थन की पेशकश की है।
निवर्तमान लोकसभा में राज्य से कांग्रेस के तीन और भाजपा के नौ सांसद सांसद हैं। वहीं एक सीट एआईयूडीएफ और एक निर्दलीय के पास है।
वर्तमान में, 126 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या 61 है, जबकि उसके सहयोगी अगप और यूपीपीएल के पास क्रमशः नौ और सात विधायक हैं।
विपक्षी में कांग्रेस के 27 विधायक हैं जबकि एआईयूडीएफ के 15 सदस्य हैं। इसके अलावा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के तीन और माकपा का एक विधायक है तथा एक निर्दलीय विधायक भी है।
भाषा
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