मणिपुर: सुरक्षा बल दो लापता युवाओं को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं: पुलिस
यासिर मनीषा
- 30 Sep 2024, 10:59 AM
- Updated: 10:59 AM
इंफाल, 30 सितंबर (भाषा) मणिपुर के कांगपोकपी जिले में तीन दिन पहले हथियारबंद लोगों द्वारा कथित रूप से अपहृत किए गए तीन युवकों में से दो की तलाश के लिए सुरक्षा बल लगातार प्रयास कर रहे हैं। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।
तीन में से एक युवक को बचा लिया गया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सेना द्वारा बचाए गए एन. जॉनसन सिंह अपने दो दोस्तों के साथ मणिपुर के इंफाल वेस्ट जिले के न्यू कीथेलमानबी में केंद्रीय बलों में भर्ती के लिए कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) जीडी भर्ती परीक्षा देने गए थे लेकिन वे रास्ता भटककर कुकी बहुल कांगपोकपी पहुंच गए। वे तीनों थौबल जिले के रहने वाले हैं।
उन्होंने बताया कि सिंह सुरक्षित हैं और उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया है, जबकि थोईथोइबा सिंह और ओ थोईथोइ सिंह अभी भी लापता हैं।
पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘27 सितंबर को कांगपोकपी जिले में बदमाशों द्वारा कथित रूप से अपहृत किए गए दो युवकों को सुरक्षा बल जल्द से जल्द छुड़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।’’
अधिकारी ने बताया कि युवकों के लापता होने की शिकायत परिजनों द्वारा दर्ज कराए जाने के बाद राज्य पुलिस और केंद्रीय बल उनकी तलाश कर रहे हैं।
रविवार को एक वीडियो सामने आया जिसमें दोनों लापता युवक मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से अपनी रिहाई की अपील करते नजर आ रहे हैं।
बयान में कहा गया है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
जॉनसन सिंह ने संवाददाताओं से बात करते हुए दावा किया कि उन्हें ‘‘कांगपोकपी जिले में हथियारबंद लोगों ने पकड़ लिया था और रिहा किए जाने से पहले उनके साथ मारपीट की गई थी।’’
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सिंह का एक गाल सूजा हुआ था और शरीर पर चोट के निशान थे।
मुख्यमंत्री ने दो लापता युवकों की अपील के जवाब में रविवार को कहा था कि उन्होंने स्थिति पर चर्चा करने के लिए सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के विधायकों के साथ बैठक की है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘‘सचिवालय में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के सभी विधायकों के साथ आज बैठक की। उग्रवादियों द्वारा दो निर्दोष युवकों के अपहरण के मुद्दे पर चर्चा की गई। हम ऐसे जघन्य कृत्यों की निंदा करते हैं और हमारी सरकार उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।’’
भाषा यासिर