हिमाचल : कांगड़ा, ऊना में 1994 के बाद सितंबर का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया
रवि कांत रवि कांत माधव
- 25 Sep 2024, 08:25 PM
- Updated: 08:25 PM
शिमला, 24 सितंबर (भाषा) हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा, ऊना, भुंतर और सुंदरनगर शहरों में 1994 के बाद से इस साल सितंबर महीने का सबसे अधिक अधिकतम तापमान दर्ज किया गया है। स्थानीय मौसम विभाग कार्यालय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पर्यटन स्थलों शिमला, मनाली और धर्मशाला में अधिकतम तापमान ने भी 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जहां 24 सितंबर को राज्य की राजधानी में अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के निदेशक कुलदीप के अनुसार भुंतर में 24 सितंबर को अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि कांगड़ा में 23 और 24 सितंबर को 35 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। वहीं, ऊना में 24 सितंबर को 38.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया, जबकि सुंदरनगर में 23 सितंबर को 35.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया।
मौसम विज्ञान केंद्र के अधिकारी संदीप शर्मा ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि भुंतर, कांगड़ा, ऊना और सुंदरनगर में 1994 के बाद से सितंबर महीने का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया।
शिमला, मनाली और धर्मशाला में तापमान दस साल के उच्चतम स्तर पर था।
मौसम विभाग ने बताया कि मनाली में 15 सितंबर को अधिकतम तापमान 28.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि धर्मशाला में 24 सितंबर को अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पिछले तीन दिनों से पहाड़ी राज्य में मौसम मुख्यतः शुष्क बना हुआ है।
हालांकि, राज्य में अगले दो-तीन दिनों के दौरान बारिश संबंधी गतिविधि बढ़ने के कारण राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में तीन डिग्री तक की गिरावट आने की संभावना है।
मौसम विभाग ने बुधवार और बृहस्पतिवार को राज्य के छह से आठ जिलों में आंधी और बिजली गिरने का 'येलो' अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग ने बुधवार को बताया कि चालू मानसून सीजन में एक जून से 24 सितंबर तक बारिश में 21 प्रतिशत की कमी रही और हिमाचल प्रदेश में सामान्य 727.40 मिलीमीटर (मिमी) के मुकाबले 573.80 मिमी बारिश हुई।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार कांगड़ा में अधिकतम 10 सड़कें, मंडी में छह, कुल्लू में चार, तथा शिमला और सिरमौर जिलों में दो-दो सड़कें बंद हैं, जबकि तीन बिजली आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में मानसून की शुरुआत से बुधवार तक बारिश से जुड़ी घटनाओं में 183 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग लापता हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को 1,332 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
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