भाजपा ने मांगा सिद्धरमैया का इस्तीफा
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र दिलीप
- 24 Sep 2024, 03:32 PM
- Updated: 03:32 PM
नयी दिल्ली, 24 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को मांग की कि सिद्धरमैया को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद से तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए, ताकि मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) के भूखंड आवंटन मामले से जुड़े कथित घोटाले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच हो सके।
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सिद्धरमैया की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने भू आवंटन मामले में उनके विरूद्ध जांच के लिए राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा दी गयी मंजूरी को चुनौती दी थी।
पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने अदालत के फैसले के मद्देनजर पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘उच्च न्यायालय ने राज्यपाल की कार्रवाई को सही ठहराया है। भाजपा मांग करती है कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया अपना इस्तीफा दें और शर्मनाक भ्रष्टाचार के आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का रास्ता साफ करें।’’
मुख्यमंत्री ने मैसुरु शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा (एमयूडीए) पॉश क्षेत्र में उनकी पत्नी को किये गये 14 भूखंडों के आवंटन में कथित अनियमितताओं के सिलसिले में उनके खिलाफ राज्यपाल गहलोत द्वारा दी गयी जांच की मंजूरी को चुनौती दी थी।
चंद्रशेखर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी सत्ता में आने के लिए चुनाव के दौरान झूठे वादे करती है और इसका एकमात्र उद्देश्य भ्रष्टाचार करना है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘सिद्धरमैया ने केवल राहुल गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस की परंपरा को जारी रखा है, जिसमें वह झूठे और फर्जी वादे करके गरीबों (के कल्याण) के नाम पर शासन में आते हैं, लेकिन हमेशा खुद को और अपने परिवार को समृद्ध करते रहते हैं।’’
चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि सिद्धरमैया के राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद से कर्नाटक में जनता के धन को लूटे जाने के कई उदाहरण हैं।
उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के परिवार द्वारा संचालित ट्रस्ट को जमीन के आवंटन में कथित घोटाले का भी उल्लेख किया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘कर्नाटक में आज कांग्रेस का कोई नेता नहीं है, जो किसी भूमि घोटाले या अन्य मामले में शामिल नहीं है।’’
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र