कोटा: शिव बारात में करंट मामले में आयोजकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज
आशीष अमित
- 09 Mar 2024, 11:05 PM
- Updated: 11:05 PM
कोटा (राजस्थान) नौ मार्च (भाषा) महाशिवरात्रि पर आयोजित शिव बारात के दौरान 16 बच्चों और दो अन्य के करंट से झुलसने के मामले में तीन आयोजकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि 5-10 प्रतिशत झुलस चुकी 12 वर्षीय एक लड़की को शनिवार को ‘बर्न इंजरी वार्ड’ (आग से झुलसे लोगों के उपचार का कक्ष) में भर्ती कराया गया। एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक डॉ. धर्मराज मीणा ने बताया कि एक बच्चे को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि बाकी का ‘बर्न इंजरी वार्ड’ में इलाज जारी है।
मीणा ने कहा कि जयपुर के एसएमएस अस्पताल में गंभीर रूप से झुलसे पांच बच्चों की हालत स्थिर है।
शनिवार शाम को जारी विभाग के प्रमुख की एक रिपोर्ट के अनुसार, 13 में से दो मरीज ‘इनोट्रोपिक सपोर्ट’ (हृदय के संकुचन को घटाने-बढ़ाने संबंधी उपचार) पर हैं और बाकी की हालत स्थिर है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि मरीज एक सामान्य सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, प्लास्टिक सर्जन और अन्य विशेषज्ञों की निरंतर निगरानी में हैं।
शुक्रवार को कोटा के सकतपुरा इलाके में बिजली के हाईटेंशन तार से करंट लगने से 10-16 साल के बच्चे झुलस गए। गंभीर रूप से घायल पांच बच्चों को इलाज के लिए जयपुर के एसएमएस अस्पताल भेजा गया, जबकि बाकी को कोटा के एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
इस बीच, पुलिस ने गंभीर रूप से घायल बच्चे के पिता की शिकायत के आधार पर शिव बारात के तीन आयोजकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 308, 338 और 34 के तहत गैर इरादतन हत्या और मानव जीवन को खतरे में डालने का मामला दर्ज किया है।
कुन्हारी थाने के प्रभारी अरविंद भारद्वाज ने कहा कि आयोजकों की पहचान सकतपुरा क्षेत्र के बद्रीलाल, बाबूलाल और गोपाल के रूप में की गई है। भारद्वाज ने कहा कि मामले में भविष्य की कार्रवाई तय करने के लिए डिस्कॉम से हाईटेंशन बिजली लाइन की स्थिति पर एक रिपोर्ट भी मांगी गई है।
यह घटना उस वक्त हुई जब शिव बारात में शामिल लड़कों में से एक लड़के द्वारा पकड़ा गया 22 फुट लंबा झंडा ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गया।
भाषा आशीष