कांग्रेस एमएसपी में बढ़ोतरी की मांग को लेकर 20 सितंबर को पूरे प्रदेश में प्रदर्शन करेगी : पटवारी
दिमो रंजन
- 06 Sep 2024, 07:56 PM
- Updated: 07:56 PM
भोपाल, छह सितंबर (भाषा) कांग्रेस की मध्यप्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस 20 सितंबर को प्रदेश में कृषि उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में बढ़ोतरी की मांग को लेकर प्रदर्शन करेगी।
पटवारी ने संवाददाताओं को बताया कि कांग्रेस की ‘किसान न्याय यात्रा’ के तहत उस दिन दोपहर 12 बजे राज्य के सभी 55 जिलों के कलेक्टरों के कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने कहा, "पूरे भारत में किसान संकट में हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान किसानों की आय दोगुनी करने की बात करते हैं, लेकिन किसानों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। हम चाहते हैं कि राज्य सरकार किसानों से सोयाबीन 6,000 रुपये प्रति क्विंटल, गेहूं 2,700 रुपये प्रति क्विंटल और धान 3,100 रुपये प्रति क्विंटल खरीदे।"
उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले साल मध्यप्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में गेहूं के लिए 2700 रुपये और धान के लिए 3100 रुपये एमएसपी का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद पार्टी इसे भूल गयी है।
पटवारी ने कहा, "हमारे नेता राहुल गांधी एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी चाहते हैं। फरवरी 2016 में उप्र के बरेली में एक रैली में प्रधानमंत्री ने कहा था कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। हालांकि, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय की रिपोर्ट में कहा गया है कि किसानों की औसत दैनिक आय 27 रुपये है और एक किसान औसतन 74 हजार रुपये के कर्ज में डूबा हुआ है।"
कांग्रेस नेता ने कहा, "पिछले 10 वर्षों में ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, खाद, डीजल और कीटनाशक पर 5 से 18 प्रतिशत तक माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाए जाने के कारण एक हेक्टेयर भूमि में उत्पादन की लागत 25 हजार रुपये बढ़ गई है। "
उन्होंने कहा कि पिछले साल अप्रैल में, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (अब केंद्रीय कृषि मंत्री) ने रीवा जिले में एक पंचायत राज समारोह में दावा किया था कि मध्यप्रदेश के किसानों की आय दोगुनी हो गई है, जो 2022 की संसदीय समिति की रिपोर्ट के आंकड़ों के विपरीत है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘लोकसभा को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां किसानों की पारिवारिक आय 2015-16 में 9740 रुपये से घटकर 8339 रुपये रह गई है।’’
भाषा दिमो