न्यायालय ने धनशोधन मामले में भूषण स्टील के पूर्व प्रवर्तक नीरज सिंघल को जमानत दी
शोभना पवनेश
- 06 Sep 2024, 07:04 PM
- Updated: 07:04 PM
दिल्ली, छह सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने भूषण स्टील के पूर्व प्रवर्तक नीरज सिंघल को 46,000 करोड़ रुपये की कथित बैंक धोखाधड़ी से उपजे धनशोधन मामले में शुक्रवार को जमानत दी और कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उसे गिरफ्तार करने में तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ ने कहा कि सिंघल 16 महीने से जेल में हैं और सुनवाई जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है।
सुनवाई शुरू होने पर पीठ ने टिप्पणी की, ‘‘आर्थिक अपराधों में एक रेखा तो कहीं न कहीं खींचनी होगी। आप अर्थव्यवस्था को हिला नहीं सकते, बाजार और शेयरधारकों के विश्वास को नहीं हिला सकते...।’’
पीठ ने कहा, ‘‘लेकिन यदि मुकदमा कभी खत्म ही नहीं होने वाला है, तो हमें स्वतंत्रता के उस पहलू को भी देखना होगा। यह (कथित धनशोधन) पूरे समाज के साथ धोखाधड़ी है।’’
सिंघल की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने कहा कि उनके मुवक्किल को सुनवाई से पहले इतने लंबे समय तक सलाखों के पीछे रहने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।
सिब्बल ने कहा, ‘‘ वह 16 महीने से जेल में है। पंकज बंसल मामले में दिया गया फैसला (जिसमें अदालत ने कहा था कि ईडी को आरोपी को गिरफ्तारी के आधार अनिवार्य रूप से बताने होंगे) पूरी तरह लागू होता है...।’’
वहीं, ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि गंभीर अपराध किया गया है।
न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, '' हम (गिरफ्तारी के समय आरोपी को) कारण नहीं बताए जाने को लेकर चिंतित हैं। वह 16 माह से जेल में है। इस समय तक...आमतौर पर ऐसे मामलों में मुकदमा खत्म होने की उम्मीद की जाती है। पहले ही 16 माह बीत चुके हैं। मुझे नहीं लगता कि मुकदमा शुरू भी हुआ होगा।''
सिंघल ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आठ जनवरी के आदेश के खिलाफ अपील की है, जिसमें उनकी जमानत याचिका और मामले में ईडी द्वारा उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली उनकी याचिका खारिज कर दी गई थी।
ईडी ने उच्च न्यायालय में कहा था कि सिंघल सबसे बड़े बैंकिंग धोखाधड़ी में शामिल थे जिसमें धनशोधन का अपराध भी है, और इससे 46,000 करोड़ रुपये से अधिक के सार्वजनिक धन की हानि हुई।
भूषण स्टील के पूर्व प्रबंध निदेशक सिंघल को 9 जून 2023 को गिरफ्तार किया गया था।
भाषा शोभना