एनएमसीजी ने गंगा का प्रदूषण कम करने के लिए 265 करोड़ रुपये की नौ परियोजनाओं को मंजूरी दी
शोभना माधव
- 30 Aug 2024, 10:08 PM
- Updated: 10:08 PM
नयी दिल्ली, 30 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) ने गंगा में प्रदूषण को कम करने और गंगा नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने के लिए 265 करोड़ रुपये की लागत वाली नौ महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।
एनएमसीजी के महानिदेशक राजीव कुमार मित्तल की अध्यक्षता में यहां आयोजित 56वीं कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान इन परियोजनाओं को हरी झंडी दी गई।
इनमें एक परियोजना उत्तर प्रदेश के रायबरेली के डलमऊ में आठ किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता वाला ‘फेकल स्लड्ज ट्रीटमेंट प्लाट’ स्थापित करना है। इस संयंत्र को 15 किलोवाट के सौर ऊर्जा संयंत्र और सौर इन्वर्टर की सहायता प्रदान की जाएगी।
एक अन्य परियोजना बुलंदशहर जिले के गुलौठी कस्बे में गंगा की सहायक नदी ‘पूर्वी काली नदी’ में प्रदूषण को रोकने पर केंद्रित है।
एक बयान में कहा गया कि इस पहल के लिए 50.98 करोड़ रुपये का बजट है जिसमें नालों को रोकना और उनका मार्ग बदलना तथा 10 एमएलडी क्षमता वाला ‘सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट’ बनाना शामिल है।
बयान में कहा गया है कि इस परियोजना में 15 साल के संचालन एवं रखरखाव अवधि भी शामिल है।
महाकुंभ मेला 2025 की तैयारी के लिए समिति ने 1.80 करोड़ रुपये की लागत से प्रयागराज में ‘अर्थ गंगा केंद्र’ के निर्माण और छिवकी रेलवे स्टेशन की ब्रांडिंग को मंजूरी दी गई।
बयान में कहा गया है कि इस पहल का उद्देश्य गंगा और पर्यावरण के बारे में जागरुकता बढ़ाना है, साथ ही रोजगार के अवसर पैदा करना और गंगा बेसिन में महिला स्वयं सहायता समूहों को समर्थन देना है।
इसके अतिरिक्त, समिति ने प्रकृति-आधारित समाधानों के माध्यम से ‘अपर गोमती रिवर बेसिन’ में निचली-क्रम की धाराओं और सहायक नदियों के लिए एक पुनरुद्धार योजना का समर्थन किया। लखनऊ में बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तावित 81.09 लाख रुपये की यह परियोजना गंगा को स्वच्छ बनाने के लिए धाराओं और सहायक नदियों के पुनरुद्धार पर केंद्रित है।
समिति ने पश्चिम बंगाल में कोलकाता में ‘बेलियाघाटा सर्कुलर कैनाल’ के किनारे नए ‘पेनस्टॉक गेट’ लगाने और मौजूदा द्वारों के नवीनीकरण के लिए 7.11 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी है।
भाषा शोभना