मर्सिडीज हादसा मामला: आप के गोवा अध्यक्ष जमानत निरस्त होने के आदेश के खिलाफ अदालत पहुंचे
वैभव रंजन
- 27 Aug 2024, 07:15 PM
- Updated: 07:15 PM
पणजी, 27 अगस्त (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) की गोवा इकाई के अध्यक्ष अमित पालेकर ने मंगलवार को एक स्थानीय अदालत के आदेश को बंबई उच्च न्यायालय की पणजी पीठ में चुनौती दी जिसमें 2023 के एक सड़क दुर्घटना मामले में उनकी सशर्त जमानत को निरस्त कर दिया गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अपूर्वा नागवेकर ने सोमवार को मामले में पालेकर की सशर्त जमानत रद्द कर दी।
पिछले साल छह अगस्त 2023 को पणजी के पास बनस्तरिम पुल पर एक तेज रफ्तार मर्सिडीज कार ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। उस समय, अपराध शाखा ने पालेकर को कथित तौर पर सबूतों से छेड़छाड़ करने और कथित तौर पर गाड़ी चला रहे आरोपी परेश सावरदेकर को बचाने के लिए एक फर्जी ड्राइवर पेश करने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया था।
पालेकर ने मंगलवार को अपने वकील नितिन सरदेसाई के माध्यम से जिला अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने आवेदन पर सुनवाई बुधवार के लिए सुरक्षित रख ली।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा था कि निचली अदालत के आदेश के मद्देनजर पालेकर को आत्मसमर्पण करना होगा और अदालत के निर्देशानुसार उन्हें हिरासत में लिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक (अपराध शाखा) राहुल गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि पुलिस पालेकर की तलाश कर रही है।
उन्होंने यह नहीं बताया कि पुलिस के पास आप नेता के पता ठिकाने के बारे में कोई जानकारी है या नहीं।
अपराध शाखा ने पिछले सप्ताह एक आवेदन दायर कर पालेकर की जमानत रद्द करने की मांग की थी और दावा किया था कि अदालत ने उन्हें फ्रांस जाने की अनुमति दी थी, लेकिन उन्होंने कुछ अन्य देशों का भी दौरा किया, जिससे जमानत की शर्तों का उल्लंघन हुआ।
न्यायाधीश ने सोमवार को अपने आदेश में कहा कि अभियोजन पक्ष ने दलील दी है कि पालेकर को आठ नवंबर, 2023 को केवल फ्रांस यात्रा की अनुमति दी गई थी।
हालांकि, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि प्रतिवादी (पालेकर) ने अदालत से अनुमति प्राप्त किए बिना थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और हांगकांग जैसे देशों की यात्रा की थी, जो जमानत शर्तों का उल्लंघन था।
पालेकर की ओर से वकील सरदेसाई ने कबूल किया कि उनके मुवक्किल ने चार देशों की यात्रा की थी जैसा कि जमानत निरस्त करने के आवेदन में कहा गया है।
उन्होंने अदालत में कहा था कि जमानत निरस्त करने का आवेदन राजनीति से प्रेरित है क्योंकि प्रतिवादी गोवा में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष हैं और सरकार के तथा राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के खिलाफ मुखर रहे हैं।
भाषा
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