महिला अधिकार समूहों ने दुष्कर्म के मामलों में शीघ्र जांच और कार्रवाई की मांग की
रवि कांत रवि कांत पवनेश
- 27 Aug 2024, 07:11 PM
- Updated: 07:11 PM
नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) देश के विभिन्न राज्यों से दुष्कर्म के मामले सामने आने के बीच महिला अधिकार समूहों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इन मामलों में शीघ्र जांच और कार्रवाई की मांग की है। बयान में महिला अधिकार समूहों ने यौन अपराधों और लिंग आधारित हिंसा को समाप्त करने की भी मांग की है।
अखिल भारतीय दलित महिला अधिकार मंच (एआईडीएमएएम), अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एआईडीडब्ल्यूए), अखिल भारतीय महिला सांस्कृतिक संगठन (एआईएमएसएस), अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा), अखिल भारतीय नारीवादी गठबंधन (एएलआईएफए), ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस (एआईएलएजे) उन 35 संगठनों में शामिल हैं जिन्होंने यह बयान जारी किया है।
कोलकाता, मणिपुर, गुजरात, उत्तराखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से यौन हिंसा की चौंकाने वाली घटनाओं के मद्देनजर संगठनों ने आक्रोश जताया है।
इन महिला अधिकार समूहों ने एक बयान में कहा कि ये सभी घटनाएं भारत में महिलाओं की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे की परिस्थितियों की ओर इशारा करती हैं।
कोलकाता के आर.जी. कर अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज में 31 वर्षीय महिला डॉक्टर के साथ कथित दुष्कर्म और उसकी हत्या के बाद देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए हैं।
इन महिला अधिकार समूहों ने अपने बयान में कहा कि कोलकाता की घटना की व्यापक रूप से निंदा हुई है।
महिला अधिकार समूहों ने यौन हिंसा की घटनाओं को लेकर निर्वाचित प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के रवैये की तीखी आलोचना की तथा उन पर न्याय सुनिश्चित करने के बजाय इन त्रासदियों का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया।
महिला अधिकार समूहों ने तर्क दिया कि आपराधिक जांच, कानून प्रवर्तन और शासन के प्रभावी कामकाज पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, न कि केवल खोखली बयानबाजी अथवा मृत्युदंड जैसे कठोर उपायों पर। समूहों का दावा है कि अपराध को रोकने में मृत्युदंड जैसे उपाय अप्रभावी साबित हुए हैं।
महिला अधिकार समूहों ने बयान में विशेष रूप से कोलकाता मामले से निपटने के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना भी की।
महिला अधिकार समूहों ने कोलकाता मामले की जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से राजनीतिक प्रभाव से मुक्त होकर निष्पक्ष जांच करने का आग्रह किया।
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