उच्च न्यायालय ने पुणे के भोजनालय को ‘बर्गर किंग’ नाम का उपयोग करने से अस्थायी रूप से रोका
सुभाष माधव
- 26 Aug 2024, 06:05 PM
- Updated: 06:05 PM
मुंबई, 26 अगस्त (भाषा) ट्रेडमार्क उल्लंघन मामले में अमेरिकी कंपनी ‘बर्गर किंग’ को एक अंतरिम राहत देते हुए, बंबई उच्च न्यायालय ने सोमवार को पुणे के एक भोजनालय को छह सितंबर तक इस नाम का उपयोग करने से रोक दिया है।
अमेरिकी कंपनी ने पिछले सप्ताह उच्च न्यायालय का रुख कर पुणे की एक अदालत द्वारा पारित उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें इसके वाद को खारिज कर दिया गया था।
वाद में, पुणे के एक हमनाम ढाबे के खिलाफ ट्रेडमार्क उल्लंघन का आरोप लगाया गया था।
न्यायमूर्ति ए एस चंदुरकर और न्यायमूर्ति राजेश पाटिल की खंडपीठ ने सोमवार को कहा कि वह सबसे पहले, भोजनालय के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा के अनुरोध संबंधी कंपनी की अर्जी पर छह सितंबर को सुनवाई करेगी।
उच्च न्यायालय ने कहा कि तब तक, जनवरी 2012 में पुणे की एक अदालत द्वारा भोजनालय को ‘बर्गर किंग’ नाम का उपयोग करने से रोकने के लिए दिया गया अंतरिम आदेश लागू रहेगा।
‘फास्ट-फूड’ कंपनी ने अपने वाद में भोजनालय के खिलाफ ‘बर्गर किंग’ नाम का उपयोग करने पर रोक लगाने का अनुरोध किया है क्योंकि इससे कंपनी को भारी नुकसान, क्षति और उसकी साख, व्यापार और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा।
पुणे की अदालत ने बर्गर किंग कॉरपोरेशन द्वारा दायर 2011 के वाद को खारिज कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि शहर में स्थित यह भोजनालय 1992 से ही संचालित हो रहा है, जो अमेरिकी कंपनी के भारत में अपनी श्रृंखला खोलने से भी पहले की बात है।
बर्गर किंग कॉरपोरेशन ने भी उच्च न्यायालय में एक अर्जी दायर कर भोजनालय मालिकों के खिलाफ अपील की सुनवाई और मामले का निस्तारण होने तक इस नाम का उपयोग करने पर अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध किया है।
कंपनी के वकील हिरेन कामोद ने सोमवार को अदालत से कहा कि जब तक अंतरिम निषेधाज्ञा का अनुरोध करने वाली उनकी याचिका या अर्जी पर सुनवाई नहीं हो जाती, पुणे अदालत द्वारा 2012 में पारित अंतरिम आदेश को लागू रखा जाए।
भोजनालय मालिकों, अनाहिता ईरानी और शपूर ईरानी की ओर से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता अभिजीत सरवटे ने दलील दी कि उन्होंने दो दिन पहले से ‘बर्गर किंग’ नाम का ऑनलाइन उपयोग शुरू किया है।
सरवटे ने दलील दी, ‘‘प्रतिवादियों (अनाहिता और शपूर) के स्वामित्व वाला भोजनालय 1990 के दशक से पुणे में प्रसिद्ध है। असल में, वादी कंपनी पुणे में हमारी साख खत्म कर रही है। वादी (बर्गर किंग कॉरपोरेशन) जैसी बड़ी कंपनी हमसे क्यों डर रही है?’’
कामोद ने कहा, ‘‘वादी कंपनी के वर्तमान में, भारत में 400 से अधिक रेस्तरां हैं जिनमें से छह पुणे में है।’’
भाषा सुभाष