दिल्ली की महापौर ने नगर निगम सचिव को स्थायी समिति के गठन के लिए चुनाव कराने का निर्देश दिया
शफीक देवेंद्र
- 23 Aug 2024, 10:33 PM
- Updated: 10:33 PM
नयी दिल्ली, 23 अगस्त (भाषा) दिल्ली की महापौर शैली ओबेरॉय ने शुक्रवार को नगर निगम के सचिव शिव प्रसाद के.वी. को स्थायी समिति के गठन के लिए लंबे समय से लंबित चुनाव प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। यह प्रक्रिया करीब डेढ़ साल से अधिक समय से लंबित है।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में ‘एल्डरमैन’ (मनोनीत पार्षद) की नियुक्ति पर उच्चतम न्यायालय के आदेश का हवाला देते हुए ओबेरॉय ने निगम सचिव को आदेश जारी कर वार्ड समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के साथ-साथ एमसीडी के 12 जोन से स्थायी समिति के लिए एक-एक सदस्य के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
एमसीडी में बहुमत वाली आम आदमी पार्टी (आप) और विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के बीच इस मुद्दे पर टकराव हुआ था, जिसके बाद मामला अदालत में चला गया था।
डीएमसी अधिनियम के अनुसार, एमसीडी की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था 18 सदस्यीय स्थायी समिति में से छह सदस्य सदन से चुने जाते हैं, जबकि शेष 12 सदस्य नगर निगम के 12 जोन में गठित वार्ड समितियों से चुने जाते हैं।
महापौर ने आदेश में कहा है, ‘‘आपको डीएमसी अधिनियम, 1957 (संशोधित 2022) के प्रावधानों के अनुसार, वार्ड समिति के अध्यक्षों, उपाध्यक्षों और वार्ड समिति से स्थायी समिति के एक सदस्य के चुनाव के लिए प्रक्रिया तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया जाता है।’’
समिति का गठन राजनीतिक गतिरोध के बीच डेढ़ साल से अधिक समय से लंबित है क्योंकि आम आदमी पार्टी (आप) ने उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना द्वारा 10 ‘एल्डरमैन’ की नियुक्ति को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी।
पांच अगस्त को न्यायालय ने ‘एल्डरमैन’ की नियुक्ति करने के संबंध में उपराज्यपाल की शक्ति को बरकरार रखा। अदालत ने दिल्ली सरकार की इस दलील को खारिज कर दिया कि उपराज्यपाल 10 एल्डरमैन नामित करने में मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करने के लिए बाध्य हैं।
एमसीडी के एक अधिकारी के अनुसार, चूंकि महापौर ने अब स्थायी समिति के लिए चुनाव कराने की मंजूरी दे दी है, इसलिए निगम पहले एमसीडी के 12 जोन में से प्रत्येक में वार्ड समितियों के लिए चुनाव कराएगा।
उन्होंने बताया कि इसके बाद, वार्ड समिति का हिस्सा बनने वाले दलों के निर्वाचित पार्षद एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष और स्थायी समिति के एक सदस्य का चुनाव करने के लिए मतदान करेंगे।
‘एल्डरमैन’ अपने-अपने क्षेत्रों में स्थायी समिति के सदस्य का चुनाव करने के लिए वोट देने के पात्र हैं। हालांकि, उनके पास सदन में वोट देने का अधिकार नहीं है। अंत में, सदन के सदस्य समिति के शेष छह सदस्यों के लिए वोट करेंगे।
भाषा शफीक