एमयूडीए ‘घोटाला’: कर्नाटक के राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी
शोभना सिम्मी
- 17 Aug 2024, 02:22 PM
- Updated: 02:22 PM
बेंगलुरु, 17 अगस्त (भाषा) कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने मैसुरू शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) भूमि आवंटन ‘घोटाले’ के संबंध में मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
राजभवन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला टी जे अब्राहम, प्रदीप और स्नेहमयी कृष्णा की ओर से दायर तीन अर्जी पर आधारित है।’’
राज्यपाल सचिवालय ने प्रदीप कुमार एस पी, टी जे अब्राहम और स्नेहमयी कृष्णा को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 17 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 218 के तहत अर्जी में उल्लिखित कथित अपराधों के लिए सिद्धरमैया के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी के अनुरोध पर प्राधिकरण के निर्णय के बारे में सूचित किया।
राज्यपाल के निर्णय के बाद शनिवार शाम पांच बजे राज्य मंत्रिमंडल की विशेष बैठक बुलाई गई है।
आधिकारिक और कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री अभियोजन के लिए राज्यपाल द्वारा दी गई मंजूरी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
सिद्धरमैया ने कई बार कहा है कि यदि राज्यपाल उन्हें जारी ‘‘कारण बताओ नोटिस’’ वापस लेने की कैबिनेट की सलाह को अस्वीकार कर देते हैं तथा अभियोजन की अनुमति दे देते हैं तो उनके नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार कानूनी और राजनीतिक रूप से लड़ने के लिए तैयार है।
अधिवक्ता-कार्यकर्ता टी जे अब्राहम द्वारा दायर अर्जी के आधार पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने 26 जुलाई को ‘‘कारण बताओ नोटिस’’ जारी किया था, जिसमें मुख्यमंत्री को उन पर लगाए पर आरोपों पर जवाब देने और यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि उनके खिलाफ अभियोजन की अनुमति क्यों नहीं दी जानी चाहिए।
कर्नाटक सरकार ने राज्यपाल को मुख्यमंत्री को जारी ‘‘कारण बताओ नोटिस’’ वापस लेने की ‘‘ सलाह’’ एक अगस्त को दी थी। उसने राज्यपाल पर ‘‘संवैधानिक कार्यालय के घोर दुरुपयोग’’ का आरोप लगाया था।
आरोप हैं कि सिद्धरमैया की पत्नी पार्वती को मैसुरू में प्रतिपूरक भूखंड आवंटित किया गया था जिसका संपत्ति मूल्य उनकी उस भूमि की तुलना में अधिक था जिसे एमयूडीए ने ‘अधिग्रहीत’ किया था।
एमयूडीए ने पार्वती को उनकी 3.16 एकड़ भूमि के बदले 50:50 अनुपात योजना के तहत भूखंड आवंटित किए थे।
भाषा शोभना