आईजेएमए की जूट उत्पादों पर डंपिंग-रोधी शुल्क की समीक्षा की मांग
राजेश राजेश अजय
- 16 Aug 2024, 07:32 PM
- Updated: 07:32 PM
कोलकाता, 16 अगस्त (भाषा) भारतीय जूट मिल संघ (आईजेएमए) ने देश के जूट उद्योग की बिगड़ती स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय को हाल ही में लिखे पत्र में संघ ने आयात में वृद्धि, सरकारी क्षेत्र की मांग में उतार-चढ़ाव और बढ़ती परिचालन लागत को महत्वपूर्ण चुनौतियों के रूप में उद्धृत किया।
आईजेएमए ने बांग्लादेश सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली प्रतिपूरक सब्सिडी (सीवीडी) की जांच और बांग्लादेश और नेपाल से जूट उत्पादों पर डंपिंग-रोधी शुल्क (एडीडी) की समीक्षा का अनुरोध किया है।
पत्र में कहा गया है कि मौजूदा डंपिंग-रोधी शुल्कों के बावजूद बांग्लादेश और नेपाल अ भी गैर-सरकारी जूट सामान बाजार में 55 प्रतिशत हिस्सेदारी रखते हैं, जिसका मूल्य 3,500 करोड़ रुपये है। संघ ने डंपिंग-रोधी शुल्क (एडीडी) की अंतरिम समीक्षा के लिए आवेदन दायर किया है और मंत्रालय से सब्सिडी रोधी जांच शुरू करने का भी आग्रह किया है।
आईजेएमए के पत्र में कहा कि रिपोर्टों के विपरीत, बांग्लादेशी सरकार ने विविध जूट उत्पादों पर सब्सिडी बढ़ा दी है, जिससे पड़ोसी देश के उत्पादकों को उच्च निर्यात सब्सिडी का दावा करने की अनुमति मिल गई है।
आईजेएमए ने अपनी शिकायत में कहा, ‘‘ये सब्सिडी, सब्सिडी और प्रतिपूरक उपायों (एएससीएम) पर समझौते के अनुलग्नक - सात का सीधा उल्लंघन है, जो यह अनिवार्य करता है कि बांग्लादेश जैसे कम विकसित देश (एलडीसी) उन उत्पादों के लिए निर्यात सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करें, जिन्होंने निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता हासिल कर ली है। बांग्लादेश ने दो साल से अधिक समय तक जूट उत्पादों में निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखी है, जिससे इन सब्सिडी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करना आवश्यक है।’’
संघ ने दावा किया कि ये सब्सिडी न केवल बांग्लादेश सरकार पर वित्तीय बोझ बढ़ाती हैं, बल्कि भारतीय जूट उद्योग को भी गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाती हैं।
आईजेएमए ने इस बात पर जोर दिया कि सब्सिडी विरोधी उपायों को लागू करने से दोनों देशों को लाभ होगा, क्योंकि इससे भारतीय उद्योगों के लिए प्रतिस्पर्धा के समान अवसर उपलब्ध होंगे, तथा बांग्लादेश सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम होगा, विशेषकर तब जब पड़ोसी देश एलडीसी सूची से बाहर आने की तैयारी कर रहा है।
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