कोलकाता चिकित्सक हत्याकांड: झारखंड के पांच मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सक भी आंदोलन में शामिल
यासिर नेत्रपाल
- 16 Aug 2024, 05:37 PM
- Updated: 05:37 PM
धनबाद/रांची, 16 अगस्त (भाषा) झारखंड के पांच मेडिकल कॉलेजों के कनिष्ठ चिकित्सक कोलकाता में महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और हत्या तथा अस्पताल में तोड़फोड़ के विरोध में शुक्रवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए।
चिकित्सकों ने बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) और वैकल्पिक ऑपरेशन थियेटर (ओटी) सेवाओं का बहिष्कार किया, हालांकि आपातकालीन सेवाएं बहाल रहीं।
झारखंड ‘जूनियर डॉक्टर्स नेटवर्क’ (जेडीएन) के अध्यक्ष विकास कुमार ने कहा कि जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, पलामू और दुमका के पांच मेडिकल कॉलेजों के सीनियर रेजिडेंट और जूनियर डॉक्टर शुक्रवार सुबह से हड़ताल पर चले गए।
जेडीएन उपाध्यक्ष डॉ. जयदीप ने कहा कि अस्पताल में सेवाएं ठप होने से मरीजों को परेशानी हो रही है, इसलिए चिकित्सक हड़ताल पर नहीं जाना चाहते।
उन्होंने कहा, ‘‘कोलकाता की घटना के बाद चिकित्सक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कार्यस्थल पर चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केवल एक केंद्रीय कानून ही विश्वास बहाल कर सकता है।’’
रांची के क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के चिकित्सकों ने कोलकाता में महिला चिकित्सक से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में हड़ताल की है।
रिम्स की जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (जेडीए) से जुड़े अभिषेक हंसदा ने कहा कि उन्होंने लोगों और मरीजों को अपने आंदोलन के उद्देश्य से अवगत कराने के लिए एक सार्वजनिक प्रस्तुति और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया।
हंसदा ने कहा, ‘‘हमने आपातकालीन सेवाओं में कोई हस्तक्षेप नहीं किया। यह सामान्य रूप से संचालित रहेंगी। नियमित ओपीडी और वैकल्पिक ओटी सेवाएं प्रभावित हैं।’’
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की झारखंड शाखा राष्ट्रीय इकाई के आह्वान पर 24 घंटे की हड़ताल करेगी।
आईएमए के प्रदेश सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह छह बजे से रविवार सुबह छह बजे तक स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को ड्यूटी के दौरान एक स्नातकोत्तर प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ कथित तौर पर दुष्कर्म किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।
मामले में अगले ही दिन एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था।
बृहस्पतिवार की तड़के करीब 40 लोगों के एक समूह ने अस्पताल में घुसकर आपातकालीन विभाग, नर्सिंग यूनिट और दवा स्टोर में तोड़फोड़ की।
भीड़ ने सरकारी स्वास्थ्य सुविधा केंद्र में सीसीटीवी कैमरे भी क्षतिग्रस्त कर दिए और आंदोलन स्थल पर तोड़फोड़ की।
भाषा यासिर