गृह सचिव विधानसभा चुनाव कराये जाने के सिलसिले में ईसी के सुरक्षा आकलन हैं सहमत: सूत्र
राजकुमार रंजन
- 14 Aug 2024, 10:23 PM
- Updated: 10:23 PM
नयी दिल्ली, 14 अगस्त (भाषा) समझा जाता है कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने निर्वाचन आयोग (ईसी) से कहा है कि जम्मू कश्मीर में विधानसभा चुनाव के वास्ते पर्याप्त सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने के लिए वह तैयार हैं। सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों का कहना है कि केंद्रीय गृह सचिव ने यहां चुनाव आयुक्तों के साथ बैठक के दौरान यह आश्वासन दिया।
पिछले दिसंबर में उच्चतम न्यायालय ने निर्वाचन आयोग को 30 सितंबर तक जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव कराने का निर्देश दिया था।
सूत्रों के मुताबिक गृह सचिव जम्मू-कश्मीर में निर्वाचन आयोग के सुरक्षा आकलन से ‘सहमत’ हैं, जिसका संबंध चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए पर्याप्त सुरक्षा के साथ-साथ लोकतांत्रिक प्रक्रिया का शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करने से है।
उन्होंने कहा कि आयोग ने वहां शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए जो कुछ मांगा, उसपर गृह सचिव ने सहमति जतायी।
सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय उम्मीदवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और केंद्र शासित प्रदेश में शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए निर्वाचन आयोग द्वारा प्रस्तावित पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।
आयोग ने बुधवार दोपहर भल्ला के साथ जम्मू कश्मीर की सुरक्षा स्थिति पर विस्तृत समीक्षा बैठक की।
सूत्रों ने इस बैठक को ‘अच्छा’ बताया और कहा कि गृह सचिव इस केंद्रशासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव कराने के सिलसिले में आयोग के सुरक्षा आकलन से सहमत थे।
आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान कराने के वास्ते सुरक्षाबलों की मांग करते हुए उम्मीदवारों एवं मतदान केंद्रों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया।
जम्मू कश्मीर में पिछला विधानसभा 2014 में पांच चरणों में हुआ था , तब लद्दाख उसका हिस्सा था। इस बार भी मतदान के चरण भी उतने ही रह सकते हैं।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि जम्मू कश्मीर में उन अन्य राज्यों के साथ ही विधानसभा चुनाव कराये जायेंगे या अलग से, जहां विधानसभा चुनाव कराये जाने हैं।
जम्मू कश्मीर में जब भी विधानसभा चुनाव कराये जायेंगे, वह पहली बार ऐसा होगा जब संविधान के अनुच्छेद 370 के निरसन के बाद ऐसा होगा। साथ ही, अब जम्मू कश्मीर एक केंद्रशासित प्रदेश है। पहले यह राज्य हुआ करता था।
परिसीमन के बार प्रदेश में विधानसभा की सीट 83 से बढ़कर 90 हो गयी है, जिनमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर को आवंटित सीट शामिल नहीं हैं।
भाषा राजकुमार