कर्नाटक सरकार सभी बांधों की स्थिति के आकलन के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करेगी
शुभम माधव
- 12 Aug 2024, 06:39 PM
- Updated: 06:39 PM
बेंगलुरु, 12 अगस्त (भाषा) तुंगभद्रा जलाशय के एक द्वार के बह जाने की पृष्ठभूमि में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार सभी बांधों की स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन कर रही है।
शिवकुमार ने कहा कि बांध के द्वार को लगाने के प्रयास जारी हैं और इस मुद्दे पर किसी को चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।
वह राज्य के जल संसाधन मंत्री भी हैं।
कोप्पल जिला मुख्यालय शहर के पास तुंगभद्रा जलाशय का एक द्वार (19वां गेट) शुक्रवार मध्य रात्रि को जंजीर टूट जाने के कारण बह गया। इसके बाद भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण निचले इलाकों को अलर्ट कर दिया गया।
शिवकुमार ने कहा, "कल मैंने टी बी (तुंगभद्रा) बांध का दौरा किया, हमने तत्काल कदम उठाए हैं। मैंने ठेकेदारों से बात की है और हमने डिजाइन भेज दिए हैं। चार से पांच दिनों में हम इसकी मरम्मत करने की कोशिश करेंगे। हम अपने किसानों के लिए कम से कम एक फसल बचाना चाहते हैं, इसके लिए हम सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं। मुख्यमंत्री भी कल वहां जा रहे हैं। मैंने तकनीकी टीम से भी चर्चा की है।"
उन्होंने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "मैं इस बात से इनकार नहीं कर रहा कि यह खतरनाक था, 70 साल में पहली बार ऐसा हुआ है, लेकिन किसानों सहित किसी को भी चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।"
उन्होंने कहा, "हम सभी बांधों की सुरक्षा के लिए एक समिति गठित करेंगे और उन्हें सभी बांधों पर भेजेंगे। एक-दो दिन में एक विशेषज्ञ समिति गठित की जाएगी और उसे सभी बांधों का दौरा करने तथा आकलन के बाद उनसे रिपोर्ट मांगने के लिए भेजा जाएगा।"
केंद्रीय जल आयोग और राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण द्वारा बनाए गए बड़े बांधों के राष्ट्रीय रजिस्टर के अनुसार वर्तमान में कर्नाटक में 231 बड़े बांध संचालित हैं।
रविवार को तुंगभद्रा बांध का दौरा करने के बाद शिवकुमार ने कहा था कि बांध की संरचना को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते सभी द्वार खोल दिए गए हैं, जहां से 38,000 क्यूसेक पानी पड़ोसी राज्यों (आंध्र प्रदेश और तेलंगाना) को छोड़ा जा रहा है, जबकि बांध में 28,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह है।
उन्होंने यह भी कहा कि छोड़े जा रहे 38,000 क्यूसेक पानी में से 35,000 क्यूसेक पानी 19वें द्वार से ही बह रहा है।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 133 'हजार मिलियन क्यूबिक फीट' (टीएमसीएफटी) की अधिकतम भंडारण क्षमता वाले तुंगभद्रा बांध में शनिवार तक 100 टीएमसीएफटी पानी था, जबकि शेष गाद थी। एक टीएमसीएफटी में करीब 11,000 क्यूसेक होता है।
भाषा
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