अधिकाधिक भारतीयों को नियमित योगाभ्यास करना चाहिए, यह विश्व को भारत का उपहार है: कोविंद
प्रशांत मनीषा
- 12 Aug 2024, 05:42 PM
- Updated: 05:42 PM
कोलकाता, 12 अगस्त (भाषा) पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को कहा कि योग मानवता को भारत द्वारा दिया गया एक अनमोल और विशेष उपहार है तथा अधिकाधिक भारतीयों को सक्रिय रूप से इसका अभ्यास करना चाहिए।
यहां टेक्नो इंडिया विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कोविंद ने आश्चर्य जताया कि देश के नागरिक योग जैसी “हमारी सांस्कृतिक विरासत के फल” का आनंद लेने से क्यों कतराते हैं।
कोविंद ने कहा कि वह भारतीयों में योग की लोकप्रियता के बारे में एक अध्ययन के निष्कर्षों को उद्धृत कर रहे थे, जो उन्हें हाल ही में मिला।
छात्रों और युवाओं के बीच तंदुरुस्ती के महत्व पर जोर देते हुए कोविंद ने कहा, “योग एक अनमोल और विशेष उपहार है जो भारत ने मानवता और पूरे विश्व को दिया है। हमें इसे अपनाना चाहिए।”
कोविंद ने कहा कि कुछ लोग “योग और प्राणायाम को एक विशेष धर्म से जोड़ सकते हैं”, उनके लिए मैं केवल यही कह सकता हूं कि शारीरिक अक्षमता किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होती।”
उन्होंने कहा, “क्या डॉक्टर किसी एक धर्म से संबंधित मरीज से कहेंगे कि वह सुबह की सैर और शाम की सैर न करें। याद रखें कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ दिमाग आपको हमेशा किसी भी चुनौती का सामना करने की ऊर्जा देगा”।
कोविंद ने याद किया कि जब वह राष्ट्रपति थे तब 21 जून 2019 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सूरीनाम की यात्रा के दौरान, उन्होंने और उनकी सूरीनाम की समकक्ष ने योग का अभ्यास किया था।
कोविंद ने याद किया, “अगले दिन, जब मैं क्यूबा गया था, तो भोजन पर बैठक के दौरान मैंने क्यूबा के राष्ट्रपति को याद दिलाया कि हमने पिछले दिन योग दिवस मनाया था। क्यूबा में महामहिम ने उत्साहपूर्वक उत्तर दिया कि वे योग करते हैं, योग का अभ्यास करते हैं। उन्होंने यह भी दिखाया कि वे योगाभ्यास कैसे करते हैं। संयोग से उस समय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज मेरे साथ थीं। मैंने उनसे अनुरोध किया कि क्या हमारी सरकार क्यूबा में एक प्रशिक्षित योग प्रशिक्षक भेज सकती है और पखवाड़े भर में मुझे संदेश मिला कि योग प्रशिक्षक भेज दिया गया है और क्यूबा सरकार खुश है।”
दीक्षांत समारोह में 3,000 से अधिक विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गयी।
वरिष्ठ अभिनेत्री शबाना आजमी को कला के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मानद उपाधि प्रदान की गई, टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस को खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए मानद डी. लिट की उपाधि प्रदान की गई। गायक शंकर महादेवन को संगीत के क्षेत्र में पुरस्कार दिया गया तथा प्रसिद्ध चित्रकार जोगेन चौधरी को दृश्य कला के क्षेत्र में पुरस्कार दिया गया।
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