देश में चांदीपुरा वायरस के 53 मामले : सरकार
मनीषा अविनाश
- 06 Aug 2024, 04:31 PM
- Updated: 04:31 PM
नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने मंगलवार को राज्यसभा को बताया कि देश में 31 जुलाई तक चांदीपुरा वायरस के 53 मामले सामने आए जिनमें से 51 मामले गुजरात से और दो राजस्थान से हैं।
उच्च सदन को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में नड्डा ने यह भी बताया कि चांदीपुरा वायरस के इन 53 मामलों की पुष्ट हो चुकी है। उन्होंने बताया कि गुजरात में संक्रमित लोगों में से 19 की मौत हो गई।
वायरस का संक्रमण फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में नड्डा ने बताया कि जन स्वास्थ्य उपाय करने और प्रकोप की विस्तृत महामारी विज्ञान जांच में गुजरात सरकार की सहायता के लिए एक राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (एनजेओआरटी) तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम, राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी), भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) पुणे के विशेषज्ञ एनजेओआरटी में शामिल हैं।
नड्डा ने बताया कि एनसीडीसी, आईसीएमआर और एनआईवी पुणे की एक टीम ‘एक्यूट’ इंसेफेलाइटिस मामलों और संबंधित मौतों की जांच कर रही है। राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केन्द्र (एनसीडीसी) के कीट विज्ञानी, मनुष्यों में चांदीपुरा वायरस के संचरण में मददगार वाहक का पता लगाने के लिए जांच हेतु प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य त्वरित प्रतिक्रिया दल और मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) तथा सहायक नर्स ने मामलों की शीघ्र पहचान करने तथा संदिग्ध मामलों को समय पर नजदीकी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में भेजने के लिए सतत निगरानी की है। अस्पतालों में 24 घंटे विशेषज्ञ सेवाएं और वेंटिलेटर सहायता प्रदान की जा रही है।
नड्डा ने कहा कि जिन क्षेत्रों से मामले सामने आए हैं, वहां वेक्टर (मक्खी) के नियंत्रण के लिए छिड़काव तेज कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि संवाददाता सम्मेलन, रेडियो ‘जिंगल’, दूरदर्शन तथा समाचार बुलेटिनों पर स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों के माध्यम से जागरूकता के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जागरूकता फैलाने और निवारक उपायों के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए घरों से सीधे संवाद किया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री ने कहा कि एनसीडीसी और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीवीबीडीसी) द्वारा एक संयुक्त परामर्श जारी किया गया है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य सरकारें उचित वेक्टर नियंत्रण उपाय करें।
भाषा मनीषा