राज्य के पुनर्निर्माण के लिए आंध्र की ‘बर्बाद’ हो चुकी छवि में सुधार की जरूरत: मुख्यमंत्री
योगेश संतोष
- 05 Aug 2024, 04:50 PM
- Updated: 04:50 PM
अमरावती, पांच अगस्त (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य के पुनर्निर्माण के लिए इसकी ‘बर्बाद’ हो चुकी छवि को बहाल किया जाए।
सचिवालय में नई राष्ट्रीय जनतंत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के पहले जिलाधिकारी सम्मेलन को संबेधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बैठक आंध्र प्रदेश के पुनर्निमर्माण की दिशा तय करेगी।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा,"यहां कई समस्याएं हैं और जिलाधिकारियों का यह सम्मेलन राज्य के पुनर्निर्माण की दिशा तय करेगा और यह एक ऐतिहासिक सम्मेलन होगा।"
नायडू ने कहा,"हमें राज्य की खराब हो चुकी छवि को सुधारना होगा। हमें यह साबित करना होगा कि आंध्र प्रदेश का प्रशासन सर्वश्रेष्ठ प्रशासनों में से एक है।"
राज्य के पुनर्निर्माण के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक छोटी सी गलती को सुधारा जा सकता है, लेकिन एक राज्य जो पूरी तरह से तबाह हो गया है, उसके पुनर्निर्माण के लिए अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता है।
प्रत्येक तिमाही में जिलाधिकारियों का सम्मेलन आयोजित करने का वादा करते हुए उन्होंने कहा कि वाईएस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली युवजन श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) सरकार के तहत पांच साल तक ऐसा कोई सम्मेलन नहीं हुआ, सिवाय उस एक सम्मेलन के जिसमें प्रजा वेदिका स्थल को ध्वस्त कर दिया गया था।
इस सम्मेलन को एक परंपरा बताते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि सत्ता में कोई भी पार्टी हो अच्छी परंपराओं को बनाए रखना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ाना चाहिए।
नायडू के अनुसार, एक समय था जब दक्षिणी राज्य की नौकरशाही को देश में सर्वश्रेष्ठ माना जाता था, जिसने लगातार केंद्रीय आईटी सचिवों और शीर्ष बैंक के कुछ गवर्नर को जन्म दिया।
उन्होंने आरोप लगाया कि वाईएसआरसीपी शासन में सारी प्रतिष्ठा ध्वस्त हो गई।
नायडू ने दावा किया कि राज्य की नौकरशाही इस स्तर तक गिर गई है कि उसे दिल्ली में भी 'अछूत' माना जाता है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारियों को बताया गया कि राज्य सरकार ने 100 दिवसीय योजना तैयार की है जिसके प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी अन्य जिम्मेदारियों के साथ जिलाधिकारियों पर होगी।
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