राष्ट्रीय संग्रहालय की मौजूदा इमारत के बारे में अभी फैसला नहीं किया गया: सरकार
ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र अविनाश
- 25 Jul 2024, 07:39 PM
- Updated: 07:39 PM
नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) सरकार ने बृहस्पतिवार को संसद को बताया कि प्रस्तावित नए युगे युगीन भारत संग्रहालय में न केवल राष्ट्रीय संग्रहालय बल्कि भारत के अन्य संग्रहालयों की कलाकृतियाों को भी शामिल किए जाने की संभावना है।
केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी।
जनपथ पर स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय की वर्तमान इमारत के भविष्य के बारे में पूछे गए एक अन्य प्रश्न के जवाब में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मौजूदा इमारत पर निर्णय लिया जाना बाकी है।
तृणमूल कांग्रेस के सदस्य जवाहर सरकार ने यह लिखित सवाल पूछा था।
उन्होंने सरकार से पूछा कि राष्ट्रीय संग्रहालय को गिराकर केंद्रीय सचिवालय की साझा इमारतें बनाने के फैसले पर सरकार का वर्तमान नजरिया क्या है। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि क्या राष्ट्रीय संग्रहालय में रखी गई सभी प्राचीन वस्तुओं को नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक में प्रस्तावित युगे युगीन भारत संग्रहालय में स्थानांतरित किया जा रहा है या उनका सिर्फ एक हिस्सा स्थानांतरित करने की योजना है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय संग्रहालय की मौजूदा इमारत के बारे में अभी फैसला नहीं किया गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रस्तावित संग्रहालय में न केवल राष्ट्रीय संग्रहालय बल्कि भारत के अन्य संग्रहालयों की कलाकृतियां भी शामिल किए जाने की संभावना है।’’
तृणमूल सदस्य ने यह भी पूछा कि क्या सरकार या राष्ट्रीय संग्रहालय ने प्रस्तावित नए संग्रहालय या राष्ट्रीय संग्रहालय की खातिर परामर्श परियोजना के लिए पेरिस के लौवर संग्रहालय के साथ हस्ताक्षर किए हैं या ऐसी कोई बातचीत की है।
शेखावत ने कहा कि यह मंत्रालय दोनों देशों के बीच 2020 में हस्ताक्षरित आशय पत्र के आधार पर फ्रांस के संग्रहालयों के साथ एक समझौता ज्ञापन को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।
उन्होंने कहा, ‘‘इस संबंध में मसौदा मंत्रिमंडल नोट पर अंतर-मंत्रालयी परामर्श किया जा रहा है। एक बार पूरा होने के बाद, इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा।’’
प्रस्तावित युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय में आठ विषयगत खंड होंगे जो 5,000 वर्षों की भारत की कहानी प्रदर्शित करेगा। माना जा रहा है कि बन जाने के बाद यह दुनिया का सबसे बड़ा संग्रहालय होगा।
एक अन्य सवाल में उनसे पूछा गया था कि क्या सरकार को हाल में खोजी गई औपनिवेशिक काल की उस फाइल की जानकारी है जिसमें ब्रिटेन के शाही खजाने में मौजूद भारतीय आभूषणों का ब्योरा है, जिनमें महाराजा रणजीत सिंह से जुड़ी वस्तुएं भी शामिल हैं।
शेखावत ने कहा, ‘‘ऐसी फाइल के बारे में कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए इस संबंध में ब्रिटेन की सरकार से बातचीत करने का सवाल ही नहीं उठता।’’
भाषा ब्रजेन्द्र ब्रजेन्द्र