सर्वदलीय बैठक के दौरान मुद्दों को सोशल मीडिया पर साझा करने के लिए भाजपा ने जयराम रमेश की आलोचना की
ब्रजेन्द्र दिलीप नरेश
- 21 Jul 2024, 06:32 PM
- Updated: 06:32 PM
नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सर्वदलीय बैठक के दौरान विभिन्न दलों द्वारा उठाए गए कुछ मुद्दों को उसी वक्त सोशल मीडिया मंच पर साझा करने के लिए रविवार को कांग्रेस नेता जयराम रमेश की आलोचना की और कहा कि विपक्षी पार्टी को अगली बार ऐसी बैठक में 'किसी अधिक अनुभवी' नेता को भेजने पर विचार करना चाहिए।
बैठक में शामिल रमेश ने दावा किया था कि संसद सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में जनता दल (यूनाइटेड) और वाईएसआर कांग्रेस ने क्रमश: बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की लेकिन 'अजीब' बात यह रही कि तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) इस मामले पर चुप रही।
रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक में जद (यू) नेता ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। वाईएसआर कांग्रेस नेता ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। अजीब बात रही कि तेदेपा नेता इस मामले पर चुप रहे।"
रमेश की सोशल मीडिया पर यह पोस्ट तब आई जब बैठक चल ही रही थी।
भाजपा के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि इन सर्वदलीय बैठकों से जुड़े लोगों का एक खास औचित्य और 'प्रोटोकॉल' होता है।
उन्होंने कहा, ''मीडिया ब्रीफिंग के बाद विचारों का स्वतंत्र और स्पष्ट आदान-प्रदान होता है। लेकिन जयराम रमेश की टाइमलाइन पर एक नज़र डालें तो ऐसा लगता है कि वह कार्यवाही को लाइव पोस्ट कर रहे थे।"
मालवीय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "अगली बार, कांग्रेस को इन बैठकों के लिए किसी अधिक अनुभवी नेता को भेजने पर विचार करना चाहिए।"
रमेश के पोस्ट का एक राजनीतिक मकसद यह था कि बैठक में शामिल सरकार के दो सहयोगी दलों की मांगों को सामने लाया जाए और सरकार को घेरा जाए।
जद (यू) और तेदेपा भाजपा की सहयोगी हैं और दोनों अपने राज्यों के लिए विशेष दर्जे की मांग लंबे समय से करती रही हैं। यह ऐसा मुद्दा है जो केंद्र सरकार के लिए भी मुश्किलें पैदा कर सकता है।
अधिकारियों का कहना है कि सरकार द्वारा वित्त आयोग की स्वीकार की गई सिफारिश विशेष दर्जे की संभावना को खारिज करती है।
कांग्रेस नेता ने भाजपा की एक अन्य सहयोगी पार्टी तेदेपा पर भी निशाना साधा और कहा कि एक तरफ बैठक में जहां वाईएसआर कांग्रेस ने विशेष दर्जे की मांग उठाई वहीं आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ तेदेपा ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध ली।
भाषा ब्रजेन्द्र दिलीप