आईसीएसआई की हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया में विदेशी केंद्र खोलने की योजना
प्रेम प्रेम रमण
- 19 Jul 2024, 05:36 PM
- Updated: 05:36 PM
कोलकाता, 19 जुलाई (भाषा) देश में कंपनी सचिवों के लिए स्थापित पेशेवर संस्था 'भारतीय कंपनी सचिव संस्थान' (आईसीएसआई) के अध्यक्ष बी नरसिम्हन ने शुक्रवार को कहा कि निकट भविष्य में संस्थान के तीन और विदेशी केंद्र खोलने की योजना है।
नरसिम्हन ने संवाददाताओं से कहा कि आईसीएसआई के ये प्रस्तावित केंद्र हांगकांग, जापान और दक्षिण कोरिया में खोले जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इन तीन स्थानों पर नए विदेशी केंद्रों की योजना इन देशों में आईसीएसआई सदस्यों की संख्या के आधार पर बनाई जा रही है।
संस्थान के संयु्क्त अरब अमीरात (यूएई), अमेरिका, ब्रिटेन, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में पहले से ही छह विदेशी केंद्र मौजूद हैं।
नरसिम्हन ने कहा, "नए प्रस्तावित केंद्र आईसीएसआई सदस्यों के लिए पेशेवर अवसरों को बढ़ाने के साथ छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और इन देशों में परीक्षा आयोजित करने में सहायता और सुविधा प्रदान करेंगे।"
उन्होंने कहा कि आईसीएसआई आने वाले दिनों में कंपनियों को ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और कामकाज) मानकों के अनुरूप बनने पर बहुत जोर दे रहा है। उन्होंने कहा कि आईसीएसआई ने अपने पाठ्यक्रम में पहले ही ईएसजी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) विषयों को शामिल कर दिया है।
उन्होंने कहा, "ईएसजी समय की मांग है। बाजार पूंजीकरण के मामले में शीर्ष 1000 कंपनियों के लिए सेबी द्वारा व्यावसायिक जिम्मेदारी और स्थिरता रिपोर्टिंग (बीआरएसआर) प्रस्तुत करना अनिवार्य कर दिया गया है। इन कंपनियों को वार्षिक रिपोर्ट के साथ अपने ईएसजी प्रदर्शन की जानकारी देना भी जरूरी होता है।"
नरसिम्हन ने कहा कि ईएसजी के अनुरूप कंपनियां विदेशी निवेशकों की नजर में आएंगी। उन्होंने कहा, "विदेशी निवेशक यह पूछेंगे कि जिस भारतीय कंपनी में वे निवेश करने की योजना बना रहे हैं, क्या वह ईएसजी मानकों के अनुकूल है। संस्थागत निवेशकों के लिए 'स्टीवर्डशिप कोड' अभी भी देश में अपनी प्रारंभिक अवस्था में है और कंपनी सचिव पेशेवरों को अपने अभ्यास के दायरे का विस्तार करने की अपार संभावनाएं देता है।"
उन्होंने कहा कि देश में कंपनी सचिवों की भारी कमी है और केवल 70,000 सदस्य ही हैं। इनमें से सिर्फ 14,000 कंपनी सचिव ही ‘प्रैक्टिस’ कर रहे हैं।
भाषा प्रेम प्रेम