इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए दीर्घकालीन, भरोसेमंद नीतिगत समर्थन की जरूरत: लोहिया
रमण अजय
- 16 Jul 2024, 05:17 PM
- Updated: 05:17 PM
नयी दिल्ली, 16 जुलाई (भाषा) इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली घरेलू कंपनी लोहिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आयुष लोहिया ने मंगलवार को कहा कि देश में इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालीन स्तर पर भरोसेमंद नीतिगत समर्थन की जरूरत है।
उन्होंने यह भी कहा कि समूह इलेक्ट्रिक तिपहिया बाजार में स्थिति मजबूत करने के लिए इस महीने के अंत तक बैटरी चालित रिक्शा के पांच नए मॉडल पेश करेगा।
लोहिया ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमें फेम- 2 नीति की तरह समर्थन की जरूरत है...नीतिगत मोर्चे पर एक भरोसा होना चाहिए। एक स्पष्ट दृष्टिकोण होना चाहिए कि नीतिगत समर्थन कम से कम अगले पांच साल तक रहेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार से हमारी अपेक्षा है कि वह फेम- तीन योजना लाए।’’
उल्लेखनीय है कि फेम योजना (हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों का तेजी से विनिर्माण और उसे अपनाना) का दूसरा चरण 31 मार्च, 2024 को समाप्त हो गया।
सरकार इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा देने के लिए फेम-तीन योजना पर काम कर रही है और निकट भविष्य में इसके लागू होने की संभावना है।
लोहिया ने ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक वाहन की खरीद सुगम बनाने के लिए इस खंड को प्राथमिकता वाले क्षेत्र की श्रेणी में लाने की भी मांग की। उन्होंने बैटरी अदला-बदली नीति की भी वकालत की।
उन्होंने यह भी कि लोहिया इस महीने इलेक्ट्रिक तिपहिया वाहन के नये मॉडल पेश करेगी।
लोहिया ने कहा, ‘‘समूह इलेक्ट्रिक तिपहिया बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए देश में अपनी इलेक्ट्रिक तिपहिया श्रृंखला का विस्तार करेगा। इस महीने के अंततक बैटरी चालित रिक्शा के पांच ने मॉडल पेश किये जाएंगे।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे नए उत्पाद देश में विकसित हो रहे इलेक्ट्रिक वाहन बाजार की विभिन्न जरूरतों को पूरा करेंगे। यह 2030 तक भारत को इलेक्ट्रिक वाहन राष्ट्र बनाने के सरकार के दृष्टिकोण के अनुरूप होगा।’’
एक सवाल के जवाब में लोहिया ने कहा, ‘‘हम चालू वित्त वर्ष में 20 करोड़ रुपये का निवेश करेंगे। यह बुनियादी ढांचा विकास, शोध और बाजार में पैठ बनाने के मकसद से किया जाएगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘साथ ही हम चालू वित्त वर्ष में डीलर की संख्या मौजूदा 100 से बढ़ाकर 200 करेंगे।’’
कंपनी का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में अपनी बिक्री बढ़ाकर 10,000 इकाई तक पहुंचाने का है। फिलहाल कंपनी की बिक्री 6,000 इकाई सालाना है।
भाषा रमण