डीयू ने छात्र संघ कार्यालय में तोड़फोड़ की जांच के लिए गठित की चार सदस्यीय समिति, प्राथमिकी दर्ज
खारी दिलीप
- 15 Jul 2024, 03:47 PM
- Updated: 03:47 PM
नयी दिल्ली, 15 जुलाई (भाषा) दिल्ली विश्वविद्यालय ने छात्र संघ कार्यालय में कथित तोड़फोड़ की घटना की जांच के लिए सोमवार को चार सदस्यीय समिति गठित की। समिति सात दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि समिति में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) की कुलानुशासक (प्रॉक्टर) रजनी अब्बी, ‘डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर’ रंजन कुमार त्रिपाठी, दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के स्टाफ सलाहकार सुरेन्द्र कुमार और संयुक्त कुलानुशासक गीता सहारे शामिल हैं।
इसमें कहा गया, ‘‘समिति जल्द से जल्द, प्राथमिकता के साथ सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।’’
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने रविवार को आरोप लगाया कि डूसू के उपाध्यक्ष अभि दहिया समेत कांग्रेस की छात्र शाखा ‘नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया’ (एनएसयूआई) के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में छात्र संघ कार्यालय में तोड़फोड़ की।
इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) एम के मीणा ने कहा, ‘‘डूसू अध्यक्ष तुषार डेढा ने कल मौरिस नगर पुलिस थाने में शिकायत दी। हमने प्राथमिकी दर्ज कर ली है और मामले की जांच करेंगे।’’
एबीवीपी ने आरोप लगाया कि दहिया और अन्य एनएसयूआई सदस्यों ने रविवार तड़के डूसू अध्यक्ष तुषार डेढा, सचिव अपराजिता, संयुक्त सचिव सचिन बैंसला के कार्यालयों और आगंतुक कक्ष में तोड़फोड़ की।
एबीवीपी ने आरोप लगाया, ‘‘हमलावरों ने पहले डूसू उपाध्यक्ष अभि दहिया के कार्यालय में शराब पी और फिर तोड़फोड़ की।’’
छात्र संगठन ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें दहिया के कार्यालय में कथित तौर पर खाली बोतलें दिखाई दे रही हैं और कार्यालय में तोड़फोड़ के वीडियो भी हैं। संगठन ने मांग की है कि दहिया को डूसू उपाध्यक्ष पद से हटाया जाए और उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाए।
एनएसयूआई ने आरोपों से इनकार किया है और एबीवीपी पर दहिया के कार्यालय में तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया है।
दहिया ने एक बयान में कहा, ‘‘कल रात, एबीवीपी के कई सदस्यों ने दिल्ली विश्वविद्यालय में मेरे कार्यालय पर हमला किया। मैंने एबीवीपी पदाधिकारी और डूसू अध्यक्ष की फर्जी डिग्री का खुलासा किया था। इसको लेकर ही यह हमला बोला गया।’’
उन्होंने दावा किया कि एबीवीपी उन्हें और एनएसयूआई को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
भाषा
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