लोक सेवाओं में ऐसे युवाओं को लाना होगा जो सरकारी पद से नहीं, जनसेवा से आकर्षित हों: मोदी
Daily world
- 01 Oct 2026, 02:14 PM
- Updated: 02:14 PM
नयी दिल्ली, एक अक्टूबर (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश को ऐसे युवाओं को लोक सेवाओं में लाना चाहिए, जो सरकारी पद पाने के लिए आकर्षित न हों, बल्कि जनसेवा से प्रेरित हों।
यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि भर्ती परीक्षा में केवल यह न परखा जाए कि अभ्यर्थी को कितना ज्ञान है, बल्कि यह भी देखा जाए कि वह युवा सिविल सेवाओं में क्यों आना चाहता है।
उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएएसी) के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ''हमें ऐसे युवाओं को लोक सेवाओं में लाना चाहिए, जो सरकारी पद से नहीं, बल्कि जनसेवा से आकर्षित हों। इसलिए यह जरूरी है कि भर्ती परीक्षा में केवल यह न परखा जाए कि अभ्यर्थी को क्या पता है, बल्कि यह भी देखा जाए कि वह युवा सिविल सेवाओं में क्यों आना चाहता है।''
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की जटिल समस्याओं को हल करने की क्षमता और दूरदर्शिता परखनी होगी।
उन्होंने कहा कि आज सवाल केवल सेवाएं उपलब्ध कराने का नहीं है, बल्कि यह है कि क्या लोक सेवाएं मौजूदा दौर में तुरंत सेवाएं देने की गति के अनुरूप खुद को ढाल पा रही हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश ने वह दौर भी देखा है, जब सरकार को 'माई-बाप' माना जाता था, लेकिन अब हम 'नागरिक देवो भव' के उद्देश्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, ''हमारा मंत्र है... नागरिक देवो भव। यानी हमारे लिए देश का नागरिक किसी देवता से कम नहीं है। हमारे लिए नागरिक की सेवा सर्वोपरि है।''
अपना संबोधन शुरू करने से पहले मोदी ने फ्लाईदुबई की इजराइल जा रही उड़ान को दुर्घटनाग्रस्त करने की सह-पायलट की कथित कोशिश को नाकाम करने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की और कहा कि उनके साहसिक कदम से हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कैप्टन मच्छार ने अद्भुत धैर्य, सूझबूझ और बहादुरी का परिचय दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''और जैसा कि इजराइल के प्रधानमंत्री (बेंजामिन नेतन्याहू) ने आज कहा कि इस भारतीय ने 9/11 जैसे हमले को नाकाम कर दिया। स्मित की बहादुरी से हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।''
उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया को मच्छार पर गर्व हो रहा है। उन्होंने सभी नागरिकों से स्मित के दीघार्यु तथा उत्तम स्वास्थ्य की कामना करने का अनुरोध किया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ''हम देश का गौरव बढ़ाने के लिए भी उनकी सराहना करते हैं।'' उनकी इस बात पर सभागार में मौजूद लोगों ने जोरदार तालियां बजायीं।
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने आपात संकेत भेजे और तेजी से नीचे उतरने लगी, जिसके बाद उसका मार्ग सऊदी अरब के तबूक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे।
यूपीएससी के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, ''हमें हमेशा दो बातों को कसौटी के रूप में याद रखना चाहिए। पहला- राष्ट्र प्रथम। दूसरा- नागरिक प्रथम।''
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का भारत नयी कार्य संस्कृति के साथ आगे बढ़ रहा है और इसका मूल सिद्धांत ''जनहितैषी, सक्रिय सुशासन है।''
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भर्ती होने वाले युवा विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि यूपीएससी के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर आज का समारोह एक विरासत का उत्सव भी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समारोह उस आकांक्षा का उत्सव है, जिसे लाखों युवा हर वर्ष अपने मन में संजोए रखते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, ''यह उस विश्वास का उत्सव है...जो हर भारतीय का इस संस्था में है।''
उन्होंने कहा, ''यूपीएससी के 100 साल के इतिहास में चार में से तीन महिला अध्यक्षों की नियुक्ति 2014 के बाद हुई, जो अवसरों के विस्तार को दर्शाता है।''
मोदी ने इस अवसर पर एक स्मारक सिक्का, डाक टिकट और '100 लैंडमार्क जजमेंट्स : शेपिंग द पॉलिसीज ऑफ यूपीएससी एंड पब्लिक सर्विस कमीशंस इन इंडिया' शीर्षक वाली पुस्तक भी जारी की।
बृहस्पतिवार का कार्यक्रम उन सालभर चले समारोहों के समापन के अवसर पर आयोजित किया गया, जो एक अक्टूबर 2025 को शुरू हुए थे। इन समारोहों का आयोजन 1926 में यूपीएससी की हुई स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया गया।