यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में अरामको तेल प्रतिष्ठान पर हमले का दावा किया
प्रशांत
- 09 Aug 2026, 05:10 PM
- Updated: 05:10 PM
सना, नौ अगस्त (एपी) यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में एक तेल प्रतिष्ठान को निशाना बनाकर हमला किया।
हूती के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने कहा कि ड्रोन के जरिए जाजान शहर में स्थित अरामको की एक रिफाइनरी को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि यह हमला सऊदी ड्रोन द्वारा यमन के हज्जा और सादा प्रांतों के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन के जवाब में किया गया।
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि अरामको रिफाइनरी से संबंधित एक प्रतिष्ठान में आग लग गई लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
हूती विद्रोही सऊदी अरब और लाल सागर में उसके समुद्री जहाजों को लगातार निशाना बना रहे हैं।
इस बीच, यमन सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने लाल सागर स्थित एक महत्वपूर्ण बंदरगाह को भी निशाना बनाकर हमला किया।
यमन के सूचना मंत्रालय के सहायक अवर सचिव फयद अल-नोमान ने कहा कि हूती विद्रोहियों ने मोखा बंदरगाह पर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया।
उन्होंने बताया कि यह बंदरगाह यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के नियंत्रण वाले प्रमुख बंदरगाहों में से एक है। हाल के वर्षों में इसका पुनर्निर्माण किया गया है ताकि उन जहाजों के आवागमन को संभाला जा सके, जो हूती नियंत्रण वाले होदेदा बंदरगाहों से बचकर इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं।
मंत्रालय ने कहा कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन उसने आग लगने के कारण का कोई विवरण नहीं दिया।
वहीं, ईरान ने बातचीत फिर से शुरू करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने को लेकर नयी मांगें रखी हैं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिका के साथ ''मध्यस्थों के माध्यम से संदेशों का आदान-प्रदान'' जारी है, लेकिन इसे बातचीत नहीं माना जा सकता।
उन्होंने कहा, ''हमारे नज़रिए से, बातचीत तब तक फिर से शुरू नहीं हो सकती जब तक कि समझौता ज्ञापन के उल्लंघन बंद न हो जाएं और अमेरिका उन प्रावधानों को ठीक न कर दे जिनका उसने उल्लंघन किया है।''
उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर ''नए समुद्री रास्तों'' के बारे में ओमान के साथ बातचीत ''अंतिम चरण'' में है।
अराघची ने कहा, ''हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा। मार्गों को लेकर कोई समझौता हो सकता है, लेकिन जलडमरूमध्य को खोलना कई अन्य शर्तों पर निर्भर करता है, जिनकी जानकारी मध्यस्थों के माध्यम से पहुंचा दी गई है।''
अमेरिका की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। अमेरिका नाकाबंदी खत्म करने से पहले जलडमरूमध्य को लेकर स्वीकार्य समझौते की मांग करता रहा है।
जून में हुए अंतरिम समझौते के अनुसार, प्रतिबंधों को समाप्त करने की समयसीमा और मुआवजे की योजना शामिल होगी। साथ ही, बातचीत में प्रतिबंधित संपत्तियों के मुद्दे पर भी चर्चा की जाएगी।
एपी आशीष प्रशांत
प्रशांत
0908 1710 सना