पीएनजी लाइन विस्फोट: अदालत ने कहा,'घायलों को मुआवजा देने के लिए नगर निगम भी समान रूप से जिम्मेदार'
जोहेब
- 07 Aug 2026, 08:53 PM
- Updated: 08:53 PM
इंदौर, सात अगस्त (भाषा) मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने जून के दौरान इंदौर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) की भूमिगत लाइन में विस्फोट के मामले में शुक्रवार को निर्देश दिया कि इस घटना में घायल लोगों के इलाज का खर्च राज्य सरकार के साथ ही नगर निगम भी वहन करे।
अदालत ने कहा कि घायलों को मुआवजा देने के लिए नगर निगम भी 'समान रूप से जिम्मेदार' है।
इंदौर पीठ के न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति आलोक अवस्थी की पीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही है।
उच्च न्यायालय ने कहा कि घायलों को भुगतान करने में देरी हुई है क्योंकि राज्य सरकार को भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने में हमेशा कुछ समय लगता है और इस वजह से प्रक्रियात्मक देरी होती है।
अदालत ने कहा,''चूंकि नगर निगम भी मुआवजा देने के लिए समान रूप से जिम्मेदार है, इसलिए इन हालात में हम निर्देश देते हैं कि नगर निगम राज्य सरकार के साथ मिलकर खर्च वहन करे।''
उच्च न्यायालय के आदेश पर अनुविभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) घनश्याम धनगर सुनवाई के दौरान अदालत में हाजिर हुए।
अदालत को बताया गया कि भूलवश उल्लेख कर दिया गया था कि एक निजी अस्पताल की बकाया राशि का भुगतान कर दिया गया है, जबकि वास्तव में भुगतान प्रक्रिया में है।
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि यह राशि एक सप्ताह के भीतर अस्पताल के खाते में जमा कर दी जाएगी।
याचिकाकर्ता रितेश इनानी ने संवाददाताओं को बताया कि उच्च न्यायालय के समक्ष राज्य सरकार की ओर से पेश पिछले जवाब में गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज को लेकर अस्पतालों को किए गए भुगतान के संबंध में गलत जानकारी दी गई थी जिस पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की थी।
इनानी ने बताया कि एसडीएम धनगर ने इस सिलसिले में उच्च न्यायालय के सामने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांगी।
अदालत ने पीएनजी लाइन विस्फोट को लेकर अवंतिका गैस लिमिटेड को भी नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और अगली सुनवाई के लिए 27 अगस्त की तारीख तय की।
पुलिस के अनुसार 23 जून को विजय नगर क्षेत्र में पीएनजी की भूमिगत लाइन के ऊपर चल रही खुदाई के दौरान ड्रिलिंग मशीन के लाइन से टकराने के बाद विस्फोट हुआ था और इस घटना में एक महिला समेत चार लोग झुलस गए थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि घटनास्थल पर अवैध रूप से नलकूप खनन किया जा रहा था, जबकि नगर निगम का दावा है कि वहां भूजल पुनर्भरण के लिए गड्ढा खोदा जा रहा था।
पुलिस के मुताबिक घटना की जांच जारी है और प्राथमिकी में चार अन्य लोगों के साथ ही क्षेत्रीय पार्षद को भी संबद्ध कानूनी प्रावधानों के तहत आरोपी बनाया गया है। भाषा हर्ष जोहेब
जोहेब
0708 2053 इंदौर