दिल्ली: बारिश से सड़कों पर पानी भरा, लोगों ने स्कूल से बच्चों को लाने के लिए बनाई नाव
नेत्रपाल
- 07 Aug 2026, 07:51 PM
- Updated: 07:51 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) दिल्ली में शुक्रवार को भारी बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो गया और प्रमुख सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ।
भारी बारिश के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने दिल्ली के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया था।
दिनभर बारिश जारी रहने के कारण दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी इलाके में स्थिति काफी खराब नजर आई।
वाल्मीकि बस्ती में कुछ लोग कमर तक भरे पानी से होकर गुजरते दिखे जबकि अन्य लोगों ने बड़े नीले प्लास्टिक तिरपाल को अस्थायी नाव के रूप में इस्तेमाल कर जलमग्न गलियों से स्कूली बच्चों को पहुंचाया।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि उनकी कॉलोनी दशकों से जलभराव की समस्या से जूझ रही है।
उन्होंने इसके लिए बरसाती नालों पर अतिक्रमण को जिम्मेदार ठहराया।
फतेहपुर बेरी गांव निवासी ऋषिपाल माशे ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''यह फतेहपुर बेरी गांव की वाल्मीकि बस्ती है। बारिश होने पर यहां कई परिवार प्रभावित होते हैं। यहां एक नाला है, लेकिन आगे फार्महाउस मालिकों ने इसे रोक दिया है। हम इस मामले को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय में कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं और सरकार भी हमारा समर्थन कर रही है।''
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह इलाका करीब छह दशक से जलभराव की समस्या का सामना कर रहा है।
वहीं, एक अन्य निवासी ने कहा, ''जैसा कि आपने अभी देखा, पूरे गांव में करीब पांच फुट तक पानी भर गया है। पानी हमारे सभी घरों में घुस गया है, जिससे हमारे पास रखा भोजन और घरेलू सामान खराब हो गया है।''
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने बताया कि शुक्रवार को हुई भारी बारिश के बाद शहरभर से पेड़ गिरने और जलभराव की शिकायतें मिलीं।
नगर निकाय के केंद्रीय नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, केशवपुरम, दक्षिण, मध्य, पश्चिम और सिविल लाइंस क्षेत्रों से पेड़ गिरने की खबरें मिलीं।
एमसीडी के मुताबिक, भारी बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी हो गई।
महरौली-बदरपुर रोड, आईटीओ, वजीराबाद रोड, पटेल रोड, रोहतक रोड, शंकर रोड, कीर्ति नगर मार्ग, दिल्ली-जयपुर राजमार्ग, पीरागढ़ी और शाहीन बाग में भारी यातायात जाम की स्थिति रही।
पूर्वी दिल्ली के जीटी रोड, जीटीबी एन्क्लेव और दिलशाद गार्डन इलाकों में भी वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई। शकरपुर और आसपास के मंडावली इलाके में ई-रिक्शा चालकों ने कहा कि नालियों का पानी सड़कों पर आ जाने, गड्ढों में पानी भरने और सड़कों पर जलभराव के कारण दुर्घटनाएं हुईं तथा उनकी आजीविका प्रभावित हुई।
इस संबंध में एक ई-रिक्शा चालक ने कहा, ''कई तरह की परेशानियां हैं। गड्ढे पानी से भर जाते हैं और सीवर के गड्ढों का पता नहीं चलता। आज कम से कम तीन-चार वाहन पलट गए, जिनमें ई-रिक्शा, स्कूटर और मोटरसाइकिल शामिल हैं।''
उन्होंने कहा कि इलाके की नालियां ठीक तरीके से नहीं बनाई गई हैं और उनमें मलबा जमा होने के कारण बारिश के बाद पानी जल्दी नहीं निकल पाता। ई- रिक्शा चालक ने कहा, ''हमारी कमाई काफी घट गई है। पहले अगर हम एक दिन में 600 रुपये कमा लेते थे तो अब 200 या 300 रुपये ही कमा पा रहे हैं। पानी बैटरी में चला जाता है। अगर ई-रिक्शा पलट जाए, तो 60 हजार से 80 हजार रुपये तक का नुकसान हो सकता है।''
आईएमडी ने दिल्ली के लिए रेड अलर्ट जारी करते हुए अगले कुछ घंटों में कई स्थानों पर मध्यम बारिश और कुछ इलाकों में भारी बारिश का अनुमान जताया है।
विभाग ने आंधी और बिजली गिरने की भी संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे तक सफदरजंग में 59.2 मिलीमीटर, लोधी रोड पर 60.4 मिलीमीटर, रिज में 57 मिलीमीटर, आया नगर में 26.2 मिलीमीटर और पालम में 16.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
आईएमडी ने 10 अगस्त तक दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
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