बंबई उच्च न्यायालय की नयी इमारत के लिए निविदा का चयन साल के अंत तक होगा: महाराष्ट्र
नरेश
- 07 Aug 2026, 07:02 PM
- Updated: 07:02 PM
नयी दिल्ली, सात अगस्त (भाषा) महाराष्ट्र सरकार ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय को बताया कि मुंबई के बांद्रा में बंबई उच्च न्यायालय के नए परिसर के निर्माण के लिए निविदाओं के चयन की प्रक्रिया इस साल के अंत तक पूरी कर ली जाएगी।
शीर्ष अदालत बंबई उच्च न्यायालय की धरोहर इमारत और उच्च न्यायालय के लिए अतिरिक्त भूखंड के आवंटन से संबंधित स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी।
राज्य सरकार की ओर से पेश महाधिवक्ता मिलिंद साठे ने प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ को मामले में अब तक हुई प्रगति की जानकारी दी।
राज्य के विधि अधिकारी ने पीठ को बताया कि संचालन समिति ने सभी पक्षकारों की चिंताओं को दूर करने के लिए बार के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की।
उन्होंने कहा कि एक बैठक आयोजित की गई और 23 जुलाई को प्रारंभिक योजनाओं को अंतिम रूप दे दिया गया।
उन्होंने कहा कि नियुक्त वास्तुकार द्वारा संरचनात्मक नक्शे, वास्तु योजनाएं और निर्माण योजनाएं तैयार की जा रही हैं तथा इस प्रक्रिया में करीब आठ सप्ताह लगने की संभावना है।
महाधिवक्ता ने कहा कि निविदा प्रक्रिया और सफल बोलीदाता के चयन में करीब आठ सप्ताह का और समय लगेगा तथा ''दिसंबर के अंत तक निविदा चयन की पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।''
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 31 जुलाई तक भूखंड सौंपने का आश्वासन दिया है।
मिलिंद साठे ने कहा कि हालांकि स्थल पर कुछ इमारतों पर सरकारी कर्मचारियों और उच्च न्यायालय के कर्मचारियों का कब्जा बना हुआ है। उन्होंने इसके लिए समय सीमा बढ़ाकर 31 अगस्त तक करने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि 23.7 एकड़ भूमि पहले ही सौंप दी गई है। शेष 5.4 एकड़ भूमि में से 2.5 एकड़ 31 अगस्त तक और बाकी भूमि 31 दिसंबर तक हस्तांतरित कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए करीब 45 वैधानिक मंजूरियों की आवश्यकता है।
इससे पहले 18 मई को पीठ ने महाराष्ट्र सरकार से बंबई उच्च न्यायालय के नए भवन परिसर के निर्माण के लिए शेष 10 एकड़ भूमि सौंपने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा था।
बंबई उच्च न्यायालय की स्थापना 16 अगस्त, 1862 को हुई थी और नवंबर 1878 से यह फ्लोरा फाउंटेन (हुतात्मा चौक) के पास स्थित इमारत में काम कर रहा है।
सुरक्षा संबंधी चिंताओं और अधिक जगह की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए बांद्रा में उच्च न्यायालय के नए परिसर के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था।
भाषा आशीष नरेश
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