भाजपा को छात्रों के आंदोलन पर कब्जा नहीं करने देंगे; हम बातचीत के लिए तैयार : झारखंड के मंत्री
पवनेश
- 07 Aug 2026, 06:53 PM
- Updated: 06:53 PM
रांची, सात अगस्त (भाषा) झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार ने शुक्रवार को भाजपा और ''कोचिंग माफिया'' पर आरोप लगाया कि वे भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन पर ''कब्जा'' करने और इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों से सीधे बातचीत करने के लिए तैयार है और संवाद के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को 14वें दिन में प्रवेश कर गया, जिसमें छह प्रदर्शनकारी भूख हड़ताल पर डटे रहे। दो छात्र संगठनों ने राज्य विधानसभा की ओर मार्च भी किया।
प्रदर्शनकारी 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को रद्द करने और कथित गड़बड़ियों की सीबीआई या राज्य के बाहर के उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की समिति से स्वतंत्र जांच कराने की मांग कर रहे हैं।
कुमार ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, ''यह आंदोलन छात्रों का है और सरकार उनसे बात करने को तैयार है। अगर भाजपा या झारखंड का कोचिंग माफिया आंदोलन पर कब्जा जमाना चाहता है, तो सरकार ऐसा नहीं होने देगी।''
छात्रों से बातचीत के लिए बनाई गई सरकारी समिति के सदस्य मंत्री ने प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रस्तावित प्रतिनिधिमंडल में एक वकील को शामिल करने पर आपत्ति जताई।
भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी का जिक्र करते हुए कुमार ने कहा, ''अगर आपको इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने में इतनी दिलचस्पी है, तो आपको पूर्व महाधिवक्ता के बजाय अपना नाम भेजना चाहिए था। अगर थोड़ी भी नैतिकता और ईमानदारी बची है, तो मरांडी और कोचिंग माफिया को खुद प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर आना चाहिए था।''
यह दोहराते हुए कि सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं, उन्होंने कहा कि अगर छात्रों का प्रतिनिधिमंडल उनसे संपर्क करता है तो तुरंत बातचीत होगी।
मंत्री ने कहा, ''हमारा इरादा साफ है। छात्रों के साथ बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं। अगर छात्रों का प्रतिनिधिमंडल हमें अपनी सूची भेजता है, तो सरकार चर्चा करेगी और मुद्दे को सुलझाने की दिशा में काम करेगी।''
प्रदर्शनकारियों से अपील करते हुए कुमार ने कहा, ''अपने जायज आंदोलन को उन लोगों के हाथों में न सौंपें जो राजनीति कर रहे हैं। सरकार आपकी चिंताओं को लेकर गंभीर है और बातचीत के जरिए उन्हें सुलझाना चाहती है।''
मंत्री ने झारखंड लोक सेवा आयोग की पहली दो परीक्षाओं के जरिए की गई नियुक्तियों को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया, ''जिन लोगों के रिश्तेदारों को काबिल उम्मीदवारों का हक मारकर जेपीएससी-1 और जेपीएससी-2 के जरिए नौकरी मिली, वे अब छात्रों के मुद्दे उठाने की कोशिश कर रहे हैं। सीबीआई जांच के बावजूद, वे बिना इस्तीफा दिए नौकरी कर रहे हैं। अगर वे नैतिकता की बात करते हैं, तो उन्हें पहले अपने रिश्तेदारों से इस्तीफा देने के लिए कहना चाहिए।''
पिछले विरोध-प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कुमार ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''यह वही भाजपा है जिसने जंतर-मंतर पर विरोध करने वालों को देशद्रोही कहा था। अब, छात्रों के आंदोलन को कमजोर करने के लिए, प्रतिनिधिमंडल में पूर्व महाधिवक्ता का नाम शामिल किया गया है। इस तरह की दोहरी राजनीति काम नहीं आएगी।''
विपक्षी नेताओं से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए कुमार ने कहा कि सरकार को नेताओं के साथ बातचीत करने में कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा, ''सभी दरवाजे खुले हैं। हम कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बातचीत का स्वागत करते हैं।''
भाषा शफीक पवनेश
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